NASA Artemis II Mission: 50 साल बाद चांद की ओर इंसानी उड़ान, नासा का आर्टेमिस-2 मिशन लॉन्च

NASA Artemis II Mission: करीब आधी सदी के लंबे इंतजार के बाद, NASA ने एक बार फिर इंसानों को चंद्रमा की दिशा में भेजकर इतिहास रच दिया है। Artemis II mission के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों ने फ्लोरिडा से सफल उड़ान भरी। यह मिशन केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि मानवता की चंद्रमा पर वापसी की शुरुआत है।

यह उड़ान उस दौर की याद दिलाती है जब इंसान पहली बार चांद पर पहुंचा था। अब 50 साल बाद, यह मिशन एक नई अंतरिक्ष दौड़ की नींव रख रहा है, जिसमें अमेरिका, चीन और अन्य देश शामिल हैं।

NASA Artemis II Mission में शामिल अंतरिक्ष यात्री

आर्टेमिस-2 मिशन में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों का दल शामिल है। इनमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई सदस्य हैं। इस टीम में Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen शामिल हैं।

इन सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने इस मिशन के लिए लगभग तीन वर्षों तक कड़ी ट्रेनिंग ली है। यह मिशन खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें विविधता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग देखने को मिलता है।

चांद तक का सफर: कैसे पूरी होगी यात्रा

NASA Artemis II Mission में अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft में सवार होकर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे। लॉन्च के लगभग साढ़े तीन घंटे बाद यह यान Space Launch System (SLS) से अलग हो जाएगा।

इसके बाद क्रू मैन्युअल कंट्रोल संभालेगा और यान की दिशा, संतुलन और संचालन की जांच करेगा। शुरुआती 25 घंटों तक यह यान पृथ्वी की एक अंडाकार कक्षा में रहेगा।

इसके बाद “फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी” का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यान चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करते हुए बिना अतिरिक्त ईंधन के पृथ्वी पर वापस लौट सकेगा। इस यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से लगभग 4,06,000 किलोमीटर दूर तक पहुंचेंगे जो अब तक इंसानों की सबसे लंबी दूरी होगी।

50 साल बाद मिला सिग्नल

NASA Artemis II Mission की एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि लगभग 50 वर्षों बाद नासा को ऐसे अंतरिक्ष यान से सिग्नल प्राप्त हुआ है , जिसमें इंसान सवार हैं और जो चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है । Deep Space Network के माध्यम से Orion spacecraft लगातार संपर्क में है ।

यह संचार प्रणाली अंतरिक्ष मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह धरती और अंतरिक्ष यान के बीच डेटा और निर्देशों का आदान- प्रदान सुनिश्चित करती है ।

आर्टेमिस प्रोग्राम का लक्ष्य

Artemis Program को 2017 में शुरू किया गया था। यह कई अरब डॉलर का मिशन है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी स्थापित करना है ।

इस NASA Artemis II Mission के तहत भविष्य में न केवल चंद्रमा पर मानव लैंडिंग होगी , बल्कि वहां रिसर्च स्टेशन और संसाधनों के उपयोग की भी योजना है । यह मिशन मंगल ग्रह तक मानव मिशन की तैयारी का भी हिस्सा है ।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन

आर्टेमिस – 2 मिशन कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है । सबसे पहले, यह Space Launch System ( SLS ) रॉकेट की क्षमता का परीक्षण है, जिसे विशेष रूप से गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है ।

दूसरा , आर्टेमिस – 2 मिशन भविष्य के चंद्र लैंडिंग मिशन आर्टेमिस- 3 की तैयारी का अहम चरण है । अगर यह मिशन सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारने का रास्ता साफ हो जाएगा ।

इसके अलावा , आर्टेमिस – 2 अंतरराष्ट्रीय सहयोग , तकनीकी प्रगति और अंतरिक्ष अनुसंधान में नई संभावनाओं को भी जन्म देता है ।

आर्टेमिस – 2  मिशन केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं , बल्कि मानवता के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम है। यह मिशन न केवल चंद्रमा तक पहुंचने की हमारी क्षमता को साबित करता है , बल्कि यह भी दिखाता है कि आने वाले समय में अंतरिक्ष में मानव की मौजूदगी कितनी व्यापक हो सकती है ।

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