कुबेरेश्वर धाम भगदड़: श्रद्धालुओं की मौत पर गरमाई सियासत, मानवाधिकार के बाद कांग्रेस-बीजेपी ने खोला मोर्चा

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले स्थित कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ की घटना में श्रद्धालुओं की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मानवाधिकार आयोग की सक्रियता के बाद अब राजनीतिक मोर्चा भी खुल चुका है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इस मुद्दे पर सरकार और आयोजकों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

पूर्व मंत्री कुसुम महदेले का हमला: “रुद्राक्ष वितरण बंद हो”

भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा:

 


उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। महदेले की यह टिप्पणी भाजपा के भीतर ही विरोध के सुर को दर्शाती है।

कांग्रेस का आरोप: “सरकार और प्रशासन जिम्मेदार”

वहीं, कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर सरकार और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा:

“जब बड़ा आयोजन होता है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होती है। प्रशासन को पहले से भीड़ नियंत्रण की योजना बनानी चाहिए थी। यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।”

अब तक की स्थिति

घटना में कई श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मानवाधिकार आयोग ने पहले ही रिपोर्ट तलब कर ली है। अब राजनीतिक दलों ने भी मोर्चा खोलते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।आयोजक पंडित प्रदीप मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

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