बीजेपी सांसद का ‘पैर पखारने’ वाला वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की गतिविधियां इन दिनों पार्टी के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। पहले मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिया गया बयान विवादों में रहा, फिर मंदसौर के भाजपा नेता मनोहर धाकड़ का महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो सामने आया। अब छिंदवाड़ा से भाजपा सांसद विवेक बंटी साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वे पार्टी के मंडल अध्यक्षों से अपने पैर धुलवाते नजर आ रहे हैं।
विकास यात्रा के बीच हुआ मामला
बताया जा रहा है कि सांसद विवेक बंटी साहू इन दिनों छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में ‘विकास पदयात्रा’ पर हैं। इस यात्रा के तहत वे जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और जनता से संवाद कर रहे हैं। इसी दौरान 3 जून को वे जुन्नारदेव के जांबकिराड़ी पहुंचे थे। यहां परासिया और जुन्नारदेव मंडल के भाजपा पदाधिकारी मौजूद थे।
पदयात्रा के दौरान मंच पर सांसद के पहुंचने पर मंडल अध्यक्ष मनीष यादव और अन्य कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से विवेक बंटी साहू के पैर धोए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो न सिर्फ बनाया गया, बल्कि सांसद समर्थकों ने इसे सोशल मीडिया पर साझा भी किया।
सोशल मीडिया पर बंटी साहू के पैर पखारने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। जहां कुछ यूज़र्स ने इसे “गुलामी की मानसिकता”, “सत्ता का अहंकार” और “लोकतंत्र का अपमान” बताया, वहीं कुछ लोग इसे सांसद के प्रति सम्मान की परंपरा करार दे रहे हैं। विरोधियों ने इसे लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ बताया और पूछा कि क्या अब जनप्रतिनिधियों को देवता समझा जाने लगा है?
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दी सफाई
घटना के बाद आलोचनाओं को देखते हुए भाजपा कार्यकर्ता सामने आए और बयान दिया कि सांसद विवेक बंटी साहू को कार्यकर्ताओं ने देवतुल्य मानकर सम्मान स्वरूप उनके पैर पखारे। उनका कहना था कि “देश में पहली बार कोई सांसद इतनी लंबी दूरी की पदयात्रा कर सीधे जनता के बीच पहुंचा है। यह स्वागत की एक परंपरा थी, जिसे गलत तरीके से देखा जा रहा है।”
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं जनता और नेताओं के रिश्तों की तस्वीर को विकृत कर रही हैं। एक ओर जनता अपने जनप्रतिनिधियों को सेवक मानती है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार के दृश्य सत्ता और अहंकार की भावना को दर्शाते हैं।
