कई स्कूलों में 60% से अधिक छात्र फेल, कमजोर प्रदर्शन पर प्राचार्य और शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष भले ही बोर्ड परीक्षाओं के कुल परिणाम में सुधार दिखा हो, लेकिन कई जिलों और स्कूलों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। विशेषकर रायपुर संभाग के कुछ स्कूलों में 60% से अधिक छात्र फेल हुए हैं, जिसके चलते राज्य सरकार ने अब सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। प्राचार्य और शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
रायपुर का प्रदर्शन सबसे कमजोर, मेरिट में पिछड़े
रायपुर संभाग में रायपुर जिले का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। कक्षा 10वीं में यहां मात्र 66.24% छात्र पास हुए हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 71.64% था। वहीं, 12वीं में इस बार 79.94% छात्र उत्तीर्ण हुए, जबकि पिछले साल यह प्रतिशत 83.19 था। रायपुर जिला राज्य के 33 जिलों में 32वें स्थान पर रहा। यह स्थिति तब है जब जिले में शिक्षकों और संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
अन्य जिलों की स्थिति
- धमतरी: 10वीं – 72.01%, 12वीं – 81.56%
- गरियाबंद: 10वीं – 80.70%, 12वीं – 90.17%
- बलौदाबाजार: 10वीं – 81.69%, 12वीं – 86.51%
- महासमुंद: 10वीं – 78.33%, 12वीं – 84.08%
समीक्षा बैठकें तय, अफसरों पर भी नजर
मुख्यमंत्री द्वारा महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारी को हटाए जाने के बाद अन्य जिलों के शिक्षा अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ गई है। रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा राकेश कुमार पांडेय 19 मई से जिलेवार समीक्षा बैठकें लेंगे।
- 19 मई – रायपुर
- 21 मई – धमतरी
- 23 मई – गरियाबंद
- 28 मई – बलौदाबाजार
- 30 मई – महासमुंद
इन बैठकों में जिला शिक्षा अधिकारी के साथ सभी स्कूलों के प्राचार्य भी शामिल होंगे।
विषयवार समीक्षा और संभावित कार्रवाई
संयुक्त संचालक राकेश पांडेय ने स्पष्ट किया है कि केवल कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम ही नहीं, बल्कि प्रत्येक स्कूल के विषयवार प्रदर्शन की भी समीक्षा की जाएगी। इसके लिए सभी स्कूलों से विषयवार परिणाम की जानकारी मंगाई गई है। समीक्षा के बाद जिन स्कूलों और शिक्षकों का प्रदर्शन लगातार खराब रहा है, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
