संसद शीतकालीन सत्र 2025: दूसरे दिन SIR और वोट चोरी पर विपक्ष का जोरदार हंगामा, कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र-2025 के दूसरे दिन लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विशेष गहन संशोधन (SIR) और वोट चोरी के मुद्दे पर तीखा विरोध जताया। विपक्ष के सांसद वेल में उतर आए और ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे लगाने लगे। स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन 20 मिनट तक चले हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी SIR पर हंगामा हुआ, जिससे सदन दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गया।

 

विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में BLOs की जान को खतरा है, वोटर लिस्ट में हेरफेर हो रहा है और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार SIR पर तत्काल चर्चा करे। हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पेश किया।

 

संसद परिसर में धरना-प्रदर्शन, सोनिया-खड़गे-प्रियंका समेत नेता सड़क पर

लोकसभा स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। मकर द्वार के सामने लगभग 10:30 बजे शुरू हुए धरने में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाद्रा, राहुल गांधी, द्रमुक नेता टीआर बालू, केके कन्निमोझी समेत कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ‘SIR वापस लो’, ‘स्टॉप SIR-स्टॉप वोट चोरी’ के बैनर और प्लेकार्ड लहराए।

 

खड़गे ने कहा, “लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन जरूरी है। हम लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ते रहेंगे।” प्रियंका गांधी ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा, “संसद इसलिए नहीं चल रही क्योंकि सरकार चर्चा से बच रही है। विपक्ष पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन लोकतंत्र स्वस्थ बहस और चर्चा की मांग करता है।” उन्होंने केरल में SIR को “मौलिक अधिकारों का उल्लंघन” करार दिया। कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा कि SIR से केरल में स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया बाधित हो रही है।

 

सरकार ने कहा कि SIR पर चर्चा से इनकार नहीं, लेकिन समयसीमा तय नहीं की जा सकती। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि मुद्दों को हथियार न बनाएं और संसद चलने दें।

 

संचार साथी ऐप को ‘जासूसी ऐप’ बताया प्रियंका, रेणुका ने दिया स्थगन प्रस्ताव

दूसरी ओर, दूरसंचार विभाग (DoT) के मोबाइल फोनों में ‘संचार साथी’ ऐप प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। प्रियंका गांधी ने इसे “जासूसी ऐप” करार देते हुए कहा, “यह नागरिकों की गोपनीयता पर हमला है। हर व्यक्ति को परिवार और दोस्तों से सुरक्षित बात करने का अधिकार है। सरकार देश को हर रूप में तानाशाही की ओर धकेल रही है।” उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग के नाम पर सरकार हर फोन में घुसपैठ कर रही है।

 

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव देकर कहा, “गोपनीयता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का मूल अधिकार है। DoT का यह आदेश कि ऐप को हटाया न जा सके, निगरानी का रास्ता खोलता है। इससे लोगों की बातचीत, गतिविधियां सब ट्रैक हो सकती हैं। इसमें पर्याप्त सुरक्षा या संसदीय निगरानी नहीं है।” उन्होंने इसे पेगासस जैसे स्पाइवेयर से जोड़ा।

 

DoT ने स्पष्ट किया कि ऐप IMEI दुरुपयोग रोकने, फ्रॉड रिपोर्टिंग और खोए फोन ब्लॉक करने के लिए है। बीजेपी ने इसे “सुरक्षा बढ़ाने वाला” बताया और विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। रिजिजू ने कहा, “सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, विपक्ष संसद को बाधित न करे।”

 

सत्र के पहले दिन भी SIR पर हंगामे से सदन ध्वस्त हो चुके थे। अब देखना है कि विपक्ष का आंदोलन कितना और तेज होता है।

Youthwings