महासमुंद में मॉब लिंचिंग: चोरी के शक में ग्रामीणों ने दलित व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला, चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। ग्रामीणों ने चोरी के शक में एक दलित व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कौशल सहिस, निवासी ग्राम मोहबा (बागबाहरा विकासखंड) के रूप में हुई है। उसका शव ग्राम पतेरापाली में रविवार सुबह मुक्तिधाम के पास मिला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग 10 बजे ग्रामीणों ने कौशल सहिस को रेलवे पटरी के पास वन भूमि पर केबल जलाकर तांबे का तार निकालते हुए देखा। मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे पकड़ लिया, हाथ बांधकर सरपंच हेमंत चंद्राकर को सूचना दी और उसे नंगे पांव गांव लाकर जमकर पीटा। महावीर चौक के नीम पेड़ के नीचे उसे बैठाकर घंटों तक मारपीट की गई।
रविवार सुबह उसकी लाश मुक्तिधाम के पास मिली। फॉरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में मौत का कारण अंदरूनी चोट बताया गया है। टीम को मृतक के कपड़ों पर घसीटने और संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि उसकी मौत निर्दय पिटाई के चलते हुई।
पिछले कुछ दिनों में पतेरापाली गांव में केबल चोरी की घटनाएं हुई थीं, जिससे ग्रामीणों को शक था कि कौशल इन वारदातों में शामिल है। हालांकि, पुलिस को अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। न ही कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही मुख्य आरोपियों की पहचान। इस घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोतवाली प्रभारी शरद दुबे ने बताया कि घटना स्थल से शर्ट पर घसीटने के निशान, मिट्टी लगी पैंट और मुंह में पानी मिला है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने उसे बचाने की कोशिश में पानी पिलाने की कोशिश की होगी।
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि,
“शव की शिनाख्त कर ली गई है। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके बाद ही आगे की विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी।”
