Mahadev Betting App Case: Shefali Bagga ने ED को लौटाए ₹1.20 करोड़, आखिर कहां से आए थे इतने पैसे?

Mahadev Betting App Case: Shefali Bagga ने ED को लौटाए ₹1.20 करोड़, घर से मिले थे ₹30 लाख; आखिर कहां से आए पैसे?

महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट और स्पोर्ट्स एंकर Shefali Bagga का नाम चर्चा में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, शेफाली बग्गा ने कथित प्रमोशनल भुगतान से जुड़ी ₹1.20 करोड़ की रकम एजेंसी को सौंप दी है। इससे पहले उनके दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर कार्रवाई के दौरान करीब ₹30 लाख नकद जब्त किए गए थे। ऐसे में जांच के दायरे में आई कुल रकम ₹1.50 करोड़ बताई जा रही है।

आखिर यह पूरा मामला क्या है? Shefali Bagga का महादेव ऐप से क्या कनेक्शन बताया जा रहा है और उन्होंने अपने बचाव में क्या कहा है? जानिए पूरी खबर।

Shefali Bagga ने ED को क्यों सौंपे ₹1.20 करोड़?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ED का आरोप है कि Shefali Bagga को महादेव प्लेटफॉर्म से जुड़े सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन के बदले कथित तौर पर रकम मिली थी। इसी सिलसिले में उन्होंने ₹1.20 करोड़ की राशि एजेंसी को सौंप दी।

बताया गया है कि ED की रायपुर यूनिट को ₹50 लाख और ₹70 लाख के दो डिमांड ड्राफ्ट दिए गए। इससे पहले एजेंसी की तलाशी के दौरान करीब ₹30 लाख नकद जब्त किए गए थे।

हालांकि, रकम सौंपे जाने को अपने आप में अपराध स्वीकार करना नहीं माना जा सकता। इस रकम की प्रकृति, स्रोत और कथित प्रमोशनल गतिविधियों से संबंध की जांच अभी महत्वपूर्ण है।

दिल्ली और मुंबई में हुई थी ED की कार्रवाई

रिपोर्ट के मुताबिक, मई महीने में ED ने शेफाली बग्गा के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब ₹30 लाख नकद जब्त किए गए थे।

इसके बाद मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित प्रमोशनल गतिविधियों की जांच आगे बढ़ी। ED ने इस मामले की जानकारी रायपुर की विशेष अदालत को भी दी है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित रकम किस काम के बदले दी गई थी और उसका महादेव ऐप से जुड़े कथित नेटवर्क के साथ क्या संबंध था।

Shefali Bagga ने क्या सफाई दी?

Shefali Bagga ने महादेव ऐप से जुड़ी कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी होने से इनकार किया है। उनके मुताबिक, उनकी भूमिका सोशल मीडिया पर ब्रांड प्रमोशन तक सीमित थी।

उनका कहना है कि उन्होंने अन्य सेलिब्रिटीज की तरह प्रमोशनल काम किया था और उन्हें ऐप के कथित अवैध संचालन या उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।

इसलिए मामले में ED के आरोपों और शेफाली बग्गा के पक्ष—दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है। जांच के अंतिम नतीजे आने तक उनकी कथित भूमिका को साबित हुआ अपराध नहीं माना जा सकता।

क्या है महादेव सट्टेबाजी ऐप मामला?

महादेव ऐप कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ा मामला है, जिसकी जांच ED वर्ष 2022 से कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के जरिए पोकर, कार्ड गेम्स और खेल प्रतियोगिताओं पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जाती थी।

ED ने सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को इस नेटवर्क के सह-प्रवर्तकों के रूप में बताया है। एजेंसी का आरोप है कि नेटवर्क का संचालन दुबई से किया जाता था और फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए इसका विस्तार हुआ। कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के लिए कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।

इसी नेटवर्क से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच की जा रही है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल Shefali Bagga से जुड़ी कथित प्रमोशनल भूमिका और ₹1.50 करोड़ की रकम की जांच अहम है। ED उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

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