‘मजिस्ट्रेट महादेव’ का अनोखा दरबार, 7 दिन में मिलता है न्याय

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर गिरगांव महादेव का मंदिर स्थित है, जो मजिस्ट्रेट महादेव के नाम से भी जाना जाता है। करीब 1000 साल पुराने इस अनोखे मंदिर में भगवान शिव न्यायाधीश की भूमिका निभाते हैं। यहां कोर्ट की तरह कई मामलों का निपटारा होता है। खास बात यह है कि हिंदू-मुस्लिम हर धर्म के लोग न्याय के लिए यहां अर्जी लगाते हैं। मंदिर के पुजारी अमरदास बाबा के अनुसार, कई बड़े विवादों का यहां निपटारा हुआ है। लोग कोर्ट जाने के बजाय महादेव की अदालत में आते हैं, जहां केस की कार्रवाई पूरी तरह लिखित रूप से होती है। हर परिवाद का लेखा-जोखा रजिस्टर में दर्ज है।

महादेव की सौगंध पर होता है न्याय

मंदिर में 12 पंचों का पैनल होता है, जिसमें सरपंच के साथ गांव के बुजुर्ग और न्यायप्रिय लोग शामिल होते हैं। विवाद से जुड़ा पंचनामा तैयार किया जाता है। सरपंच दोनों पक्षों को चेतावनी देता है कि यहां सिर्फ सच बोला जाए। झूठ बोलना धन हानि से लेकर जन हानि तक की सजा दे सकता है। सुनवाई में दोनों पक्ष साक्ष्य पेश करते हैं और अंत में धर्म (सौगंध) उठाई जाती है।

झूठ बोलना पड़ सकता है भारी

ग्रामीणों का मानना है कि महादेव की सौगंध पर झूठ बोलने वाले को दंड मिलता है। पंचायत सदस्य मलखान सिंह ने बताया कि यहां मामूली विवाद नहीं सुलझाए जाते। बोर्ड पर भी जानकारी लगी है। सुनवाई तभी होती है जब कम से कम 20 हजार रुपये से अधिक की हानि हो। सबसे ज्यादा चोरी, जमीन और पार्टनरशिप के विवाद आते हैं। पारिवारिक और राजनीतिक मामले भी आ चुके हैं।

पंचनामा में क्या होता है?

हर केस के लिए पंचनामा तैयार होता है, जिसमें पूरा प्रकरण लिखा जाता है। इसमें ‘हतोड़ी’ (समय सीमा) खोली जाती है 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या एक महीना। इसका मतलब है कि महादेव की सौगंध उठाने के इतने समय बाद आरोपी को निश्चित रकम का नुकसान होगा। यदि नुकसान नहीं होता तो आरोपी निर्दोष माना जाता है। यदि होता है तो दोषी ठहराया जाता है और पंच दंड देते हैं, जिसमें पुलिस केस तक शामिल होता है।

मुस्लिम परिवारों को भी ‘महादेव’ पर भरोसा

मंदिर की मान्यता हिंदुओं तक सीमित नहीं है। कई मुस्लिम परिवार भी यहां न्याय के लिए पहुंचते हैं। हाल ही में एक मुस्लिम फरियादी ने चोरी का मामला लेकर यहां धर्म उठाया। उनके घर से 25 मन गेहूं, दो बोरा सरसों और पीतल के बर्तन चोरी हुए थे। गांव के व्यक्ति पर शक था। महादेव के सामने दोनों पक्षों ने सौगंध उठाई। उसे पूरा विश्वास है कि झूठी सौगंध खाने वाले को दंड मिलेगा।

इससे पहले भिंड जिले से भी एक मोमिना ने 8 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी का मामला लेकर यहां धर्म उठाया। इसी तरह एक जाने-माने संत को झूठ बोलने का परिणाम भुगतना पड़ा था।

यह मंदिर ग्वालियर क्षेत्र में न्याय की अनोखी परंपरा का प्रतीक है, जहां भगवान शिव को न्यायाधीश मानकर विवाद सुलझाए जाते हैं।

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