‘अमित शाह के दौरे से पहले रची गई साजिश’: LPU बवाल में डीएसपी के नाम से वायरल हुआ फर्जी वीडियो, पुलिस जांच में जुटी

जालंधर। पंजाब के जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परिसर में हुए हंगामे के बाद इंटरनेट मीडिया पर लगातार भ्रामक तस्वीरें और मनगढ़ंत दावे प्रसारित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से ठीक एक दिन पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक अधिकारी को विश्वविद्यालय में हुए पूरे बवाल का जिम्मेदार गृहमंत्री के भतीजे को बताते हुए दिखाया जा रहा है।

वीडियो में डीएसपी मेजर सिंह का चेहरा और फर्जी दावे

वायरल क्लिप में नजर आ रहे व्यक्ति की पहचान पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मेजर सिंह के रूप में प्रचारित की जा रही है। वीडियो में यह सनसनीखेज दावा किया जा रहा है कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुए पूरे घटनाक्रम और अशांति के पीछे गृहमंत्री के भतीजे की सीधी भूमिका है। यह वीडियो सामने आते ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर होने लगा और तरह-तरह की अटकलों का दौर शुरू हो गया।

AI से छेड़छाड़ की आशंका, पुलिस ने बताया फर्जी

शुरुआती तकनीकी जांच और प्रशासनिक पड़ताल में इस वीडियो के पूरी तरह फर्जी और भ्रामक होने की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, डीएसपी मेजर सिंह की ओर से ऐसा कोई भी बयान या आधिकारिक वीडियो जारी नहीं किया गया है। प्रथम दृष्टया यह साफ हो चुका है कि किसी पुलिस अधिकारी के चेहरे और आवाज के साथ आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व डीपफेक तकनीक के जरिए छेड़छाड़ की गई है, ताकि संवेदनशील समय में लोगों को गुमराह किया जा सके।

साइबर सेल ने शुरू की जांच, सोर्स अकाउंट की तलाश तेज

विश्वविद्यालय परिसर में हुए हंगामे के तुरंत बाद से ही पंजाब पुलिस इंटरनेट मीडिया पर असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर सख्त नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि साइबर सेल की तकनीकी टीम अब इस फर्जी वीडियो की तहकीकात में जुट गई है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जी क्लिप को किस सॉफ्टवेयर से तैयार किया गया, इसे सबसे पहले किस सोशल मीडिया हैंडल या आईपी एड्रेस से अपलोड किया गया और इसके पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है।

अफवाहें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, लोगों से अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी असत्यापित वीडियो, भ्रामक संदेश या ऑडियो पर बिल्कुल विश्वास न करें और न ही इसे अन्य ग्रुपों में फॉरवर्ड करें। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि माहौल खराब करने या किसी की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से फर्जी कंटेंट तैयार करने और उसे प्रसारित करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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