Chhattisgarh में बोर्ड परीक्षा शुरू, ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

गरियाबंद में बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जारी आदेश के अनुसार 20 फरवरी से 29 अप्रैल तक जिले में लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि यंत्रों के उपयोग पर रोक रहेगी। यह आदेश छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत जारी किया गया है। विशेष परिस्थितियों या सरकारी कार्य के लिए एसडीएम की अनुमति का प्रावधान रखा गया है।

देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने नागरिकों से अपील की है कि छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करें। शादी सीजन के बीच इस आदेश का पालन कराना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

13 हजार से अधिक छात्र परीक्षा की तैयारी में

शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में 12वीं के 5,507 और 10वीं के 7,804 विद्यार्थियों का पंजीयन है। कुल 13,311 छात्र हायर सेकेंडरी स्तर तक परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। कॉलेज स्तर पर भी करीब 2 हजार विद्यार्थी तैयारी कर रहे हैं। पहले दिन 12वीं की भौतिकी और भूगोल की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन ने केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों को बोर्ड दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं तथा उड़नदस्ता टीम गठित की गई है।

जीपीएम में भी प्रतिबंध

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में भी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर 18 मार्च 2026 तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने बताया कि विद्यार्थियों और पालकों से शोर-शराबे की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है। आदेश के अनुसार अधिनियम में उल्लिखित विशेष अवसरों को छोड़कर सभी प्रकार के कोलाहल और ध्वनि यंत्रों के उपयोग पर रोक रहेगी।

 

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