लोरमी कृषि मंडी घोटाला: नियम विरुद्ध 6 करोड़ के टेंडर पर मचा बवाल, डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान

लोरमी (मुंगेली): छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी में कृषि उपज मंडी समिति के सचिव द्वारा नियमों को दरकिनार कर 6 करोड़ रुपए से अधिक के 59 निर्माण कार्यों की मैन्युअल निविदा निकालने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घोटाले को लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके बाद अब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वयं इस पर संज्ञान लेने की बात कही है।

डिप्टी सीएम का बयान:
गुरुवार को लोरमी विधानसभा के रामहेपुर एन में आयोजित समस्या निवारण शिविर में पहुंचे उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से बातचीत में कहा,

“आपके माध्यम से यह बात संज्ञान में आई है। मैं निश्चित रूप से इस विषय पर संबंधित अधिकारियों से बातचीत करूंगा।”

कांग्रेस नेता की मांग:
इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस नेता मनीष त्रिपाठी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मांग की है कि गलत तरीके से जारी निविदा को तुरंत निरस्त किया जाए और नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।

सुशासन तिहार के बीच घोटाला!
जहां एक ओर प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है, वहीं लोरमी में अधिकारी की मनमानी से सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है। नियमों के अनुसार अब 10 लाख रुपए या उससे अधिक के कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग अनिवार्य है, लेकिन मंडी सचिव ने इसके बावजूद मैन्युअल निविदा प्रक्रिया अपनाई।

कुम्हारी निरीक्षण के दौरान सख्ती:
इसी दिन डिप्टी सीएम अरुण साव ने कुम्हारी नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण भी किया, जहां कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर में गड़बड़ी मिलने पर फटकार लगाई और अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

बड़ा सवाल – अपने ही क्षेत्र में कब होगी कार्रवाई?
जब उपमुख्यमंत्री स्वयं रायपुर और अन्य स्थानों पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख दिखा चुके हैं, तो अब सवाल उठ रहा है कि क्या उनके अपने विधानसभा क्षेत्र में हुए इस नियमविरुद्ध टेंडर मामले में भी वैसी ही सख्ती दिखाई जाएगी?

सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया
सरकार ने हाल ही में ठेका प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडरिंग की सीमा को घटाकर 10 लाख रुपए किया है, ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हो। लेकिन लोरमी में इसका सीधा उल्लंघन किया गया है, जो अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।

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