बिहार SIR पर संसद में हंगामा : रिजिजू ने कहा-चर्चा संभव नहीं, SC ने चुनाव आयोग से मांगा 65 लाख नाम हटाने का ब्योरा

नई दिल्ली। बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर संसद के मॉनसून सत्र में लगातार हंगामा हो रहा है। बुधवार को भी लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट कर दिया कि सदन में इस पर बहस नहीं कराई जा सकती।

रिजिजू का बयान: कोर्ट में लंबित मामला, चर्चा नहीं होगी

लोकसभा में विपक्षी दलों के हंगामे के बीच रिजिजू ने कहा कि SIR का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

“लोकसभा के नियमों के अनुसार अदालत में विचाराधीन मामलों पर चर्चा नहीं की जा सकती। क्या आप सदन के नियम तोड़ना चाहते हैं? क्या आप देश की जीतें तोड़ना चाहते हैं?” — किरण रिजिजू

उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं के कामकाज पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती। इसके बावजूद विपक्षी दल नारेबाजी करते रहे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह बिहार की मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों का पूरा विवरण पेश करे।
जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने आयोग को तीन दिन का समय देते हुए शनिवार तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
यह आदेश एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

लगातार बढ़ रहा विपक्ष का दबाव

विपक्ष का कहना है कि बिहार में SIR प्रक्रिया के बहाने बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में हेराफेरी की जा रही है। विपक्षी दलों ने दो टूक कहा है कि इस मुद्दे को संसद में उठाना जरूरी है ताकि सरकार जवाबदेह बन सके।

 

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