Liquor Scam Case: शराब घोटाले में नया मोड़, EOW की चार्जशीट ने खोले चौंकाने वाले राज

Liquor Scam Case

Liquor Scam Case: में सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेन्द्र डडसेना की भूमिका उजागर, अब तक 51 आरोपियों पर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के चर्चित Liquor Scam Case में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायालय में नवम पूरक चालान पेश किया है। इस कदम के साथ ही Liquor Scam Case में जांच और तेज हो गई है और नए तथ्यों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

इस पूरक चालान में तीन गिरफ्तार आरोपियों—सौम्या चौरसिया, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव और देवेन्द्र डडसेना—के खिलाफ विस्तृत आरोप प्रस्तुत किए गए हैं। EOW द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर इनकी भूमिका को इस बड़े आर्थिक अपराध में अहम माना गया है।

उगाही की रकम के नेटवर्क में डडसेना की भूमिका

Liquor Scam Case की जांच के दौरान यह सामने आया है कि देवेन्द्र डडसेना ने अवैध रूप से एकत्र की गई रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डडसेना, जो पहले राजीव भवन में एकाउंटेंट के रूप में कार्यरत था, पर आरोप है कि उसने शराब घोटाले और अन्य स्रोतों से जुटाई गई राशि को सुरक्षित रखने और निर्देशानुसार आगे भेजने का काम किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह इस पूरे सिंडिकेट का सक्रिय हिस्सा था और उगाही की रकम के प्रबंधन में शामिल था।

केके श्रीवास्तव पर अवैध धन खपाने के आरोप

Liquor Scam Case में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव की भूमिका भी जांच में सामने आई है। EOW के अनुसार, उन्होंने अवैध नगद राशि के उठाव, परिवहन और उसके प्रबंधन में सक्रिय रूप से भाग लिया।

उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस धन को अलग-अलग माध्यमों से निवेश करने और खपाने में सहयोग किया। इस तरह वे इस संगठित अपराध का एक अहम हिस्सा बने रहे।

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सौम्या चौरसिया पर पद के दुरुपयोग का आरोप

पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को लेकर Liquor Scam Case में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरे सिंडिकेट को संरक्षण और प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया।

EOW के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर समन्वय, फैसिलिटेशन और अन्य प्रशासनिक सहायता के जरिए इस घोटाले को संचालित करने में भूमिका निभाई। इसके अलावा उन पर अवैध लाभ अर्जित करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के भी आरोप हैं।

अब तक 51 आरोपियों पर कार्रवाई

Liquor Scam Case की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इस मामले में 51 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा चुका है।

यह संख्या बताती है कि मामला व्यापक स्तर पर फैला हुआ है और इसमें कई स्तरों पर लोगों की संलिप्तता रही है। EOW लगातार अन्य संदिग्ध व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच कर रही है।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा

Liquor Scam Case में जांच एजेंसी अब भी सक्रिय है और नए सिरे से साक्ष्य जुटाने का काम जारी है। इसमें शासकीय, अशासकीय और राजनीतिक व्यक्तियों के साथ-साथ संबंधित कंपनियों और फर्मों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। संभावना है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे जांच का दायरा और विस्तृत हो सकता है।

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