राहुल गांधी–मल्लिकार्जुन खरगे की हुंकार: कुरूद से होगा ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ का शंखनाद
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भरेंगे हुंकार
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़े सियासी आंदोलन की आहट तेज हो गई है। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का आगाज़ धमतरी जिले के कुरूद से किया जाएगा, जहाँ कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जनसभा को संबोधित करेंगे।
कुरूद में तैयारियों का जायजा, कांग्रेस पूरी तरह एक्टिव
अभियान की तैयारियों को धार देने के लिए शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू अचानक कुरूद पहुंचे। नेताओं ने खेल मेला मैदान, अटल बिहारी बाजपेयी स्टेडियम और नई मंडी सहित कई संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। पार्टी का लक्ष्य है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित यह जनसभा इतनी विशाल हो कि इसकी गूंज सीधे दिल्ली तक पहुंचे।
क्यों कुरूद बना आंदोलन का केंद्र
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, कुरूद का चयन पूरी रणनीति के तहत किया गया है। यह इलाका कृषि प्रधान और ग्रामीण आबादी वाला क्षेत्र है, जहाँ मनरेगा हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का अहम साधन है। कांग्रेस का मानना है कि यहां से उठने वाली आवाज सीधे उन मजदूरों और किसानों की भावनाओं को सामने लाएगी, जो केंद्र की नीतियों से खुद को प्रभावित महसूस कर रहे हैं।
ये मुद्दे बनेंगे आंदोलन की धुरी
कांग्रेस इस अभियान के जरिए केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाने की तैयारी में है—
मनरेगा बजट में कटौती को लेकर तीखा हमला
मजदूरी भुगतान में देरी और तकनीकी अड़चनों पर सवाल
ग्रामीण रोजगार के अधिकार को कमजोर करने का आरोप
संगठन की पूरी ताकत झोंकी
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ साबित होगा। तैयारियों में जिला अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, नीलम चंद्राकर और स्थानीय ब्लॉक अध्यक्ष सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। गांव-गांव में पीले चावल बांटकर लोगों को आमंत्रित करने की योजना है, ताकि जनसभा में भारी भीड़ जुटे और सियासी संदेश दूर तक जाए।
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