नेपाल में तख्तापलट! इस्तीफा देकर अज्ञात जगह भागे “ओली”, Balendra Shah को पीएम बनाने उठी की मांग

काठमांडू। नेपाल में एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल का दौर शुरू हो गया है। देशभर में जेन-जेड (Gen-Z) युवाओं के नेतृत्व में भड़के विरोध प्रदर्शन ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने ओली का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उन्हें सेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।

हालांकि ओली के इस्तीफे के बाद भी राजधानी काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। प्रदर्शनकारी संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर चुके हैं। हिंसक भीड़ ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित छह मंत्रियों के निजी आवासों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को भी प्रदर्शनकारियों ने उनके घर में घुसकर पीटा। वित्त मंत्री विष्णु पोडौल को काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

प्रदर्शनकारी मांग रहे फायरिंग करने वाले जवानों पर कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 8 सितंबर को हुए प्रदर्शनों में गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा, Gen-Z आंदोलनकारी संसद भंग कर नए चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

रवि लामिछाने को जेल से बाहर निकाला गया

उत्तेजित प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री रवि लामिछाने को नक्खू जेल से बाहर निकाल लिया। मंगलवार दोपहर को लामिछाने को मुक्त कर दिया गया, जिससे युवा प्रदर्शनकारियों में उत्साह और बढ़ गया।

काठमांडू मेयर बालेन शाह का समर्थन

इस आंदोलन के केंद्र में काठमांडू के मेयर बालेंद्र उर्फ बालेन शाह का नाम उभरकर सामने आया है। बालेन शाह युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उन्होंने Gen-Z आंदोलन का पूर्ण समर्थन किया और इसे अपना प्रतिनिधित्व मानते हुए युवा प्रदर्शनकारियों को नेतृत्व देने की अपील की।

काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर अपील की कि Gen-Z आंदोलनकारी संयम बरतें और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के साथ ही आंदोलन की मांगें पूरी हो गई हैं, अब युवाओं को देश के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है। उन्होंने सेना प्रमुख से बातचीत के लिए भी तैयारी की बात कही, लेकिन स्पष्ट किया कि किसी भी संवाद से पहले संसद को भंग करना आवश्यक है।

एयर इंडिया की उड़ानें रद्द

नेपाल में हालात को देखते हुए एयर इंडिया ने दिल्ली-काठमांडू-दिल्ली रूट की उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसमें AI2231/2232, AI2219/2220, AI217/218 और AI211/212 शामिल हैं।

बालेन शाह: इंजीनियर से मेयर तक

बालेन शाह ने अपने करियर की शुरुआत सिविल इंजीनियर के रूप में की। इसके बाद उन्होंने रैपर के तौर पर भी काम किया और फिर राजनीति में कदम रखा। काठमांडू के मेयर पद पर जीतने के बाद वे युवाओं के बीच एक रोल मॉडल बन गए। उनकी लोकप्रियता और पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति युवाओं का मोहभंग उन्हें इस आंदोलन का नायक बना गया।

बालेन शाह को टाइम मैगजीन की 2023 की शीर्ष 100 शख्सियतों की सूची में शामिल किया गया। द न्यू यॉर्क टाइम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी उन्हें कवर किया। सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स बड़ी संख्या में हैं, और उनके पोस्ट राष्ट्रीय बहस में तेजी से ट्रेंड करते हैं। यही कारण है कि उन्होंने Gen-Z आंदोलन को अपना समर्थन देकर इसे हाईजैक कर लिया।

Gen-Z आंदोलन का उदय

नेपाल में राजनेताओं के बच्चों की भव्य जीवनशैली के खिलाफ सोशल मीडिया पर #Nepokid ट्रेंड शुरू हुआ। सरकार ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर नियंत्रण लगाने की कोशिश की। इसके बाद जेन-जेड युवाओं ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस कार्रवाई के दौरान देशभर में 20 प्रदर्शनकारी मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। अकेले काठमांडू में 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। बालेन शाह ने इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया और इसे अपना नेतृत्व माना।

ओली और बालेन शाह का पुराना टकराव

ओली और बालेन शाह के बीच टकराव की जड़ें पुराने विवादों में हैं। बालेन शाह ने काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन न मिलने पर सरकार की आलोचना की और संघर्ष का नेतृत्व किया। इसके अलावा अवैध निर्माणों और व्यावसायिक विज्ञापनों को हटाने की कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया। ओली ने बालेन पर गरीबों पर हमला करने का आरोप लगाया और बालेन ने भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों की आलोचना करते हुए Gen-Z आंदोलन का समर्थन किया।

युवाओं की नई उम्मीद

Gen-Z आंदोलन और बालेन शाह का समर्थन इस उथल-पुथल में युवाओं के लिए नई उम्मीद बन गया है। ओली के इस्तीफे के बाद युवाओं ने बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री बनाने की मांग तेज कर दी है। उनकी लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता ने युवा आंदोलनकारियों में विश्वास जगाया है कि वे देश की नई राजनीति का चेहरा बन सकते हैं।

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