पहले सांप ने काटा, फिर युवक ने उसे गले में लपेट लिया! 14 KM बाइक चलाकर पहुंचा अस्पताल, देखिए वीडियो
कांकेर। आपने बाइक पर हेलमेट, रेनकोट या बैग लेकर लोगों को जाते तो खूब देखा होगा, लेकिन कांकेर के पखांजूर में एक युवक ने बाइक पर कुछ ऐसा ‘साथी’ बैठाया कि देखने वालों की आंखें फटी की फटी रह गईं। युवक गले में जिंदा सांप लपेटकर करीब 14 किलोमीटर तक बाइक चलाता रहा और सीधे अस्पताल पहुंच गया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर लोग हैरान हैं कि आखिर कोई शख्स गले में सांप डालकर इतनी दूरी तक बाइक कैसे चला सकता है!
सांप ने काटा तो सांप को ही बना लिया ‘पहचान पत्र’
बताया जा रहा है कि युवक सांप के रेस्क्यू के दौरान उसके काटने का शिकार हो गया था। इसके बाद उसने एक ऐसा फैसला लिया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। युवक ने सांप को गले में ही डाल लिया। उसका तर्क था कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को सांप की पहचान आसानी से हो जाएगी और उसी के आधार पर इलाज किया जा सकेगा। मतलब सांप ने काटा तो युवक ने सोचा—‘इलाज के लिए सांप को भी साथ ले चलते हैं!’ लेकिन सांप को गले में लपेटकर बाइक चलाने का यह तरीका किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं था।
14 KM तक गले में सांप, फिर सीधे अस्पताल
वीडियो में युवक बाइक चलाता दिखाई दे रहा है और उसके गले में सांप लिपटा हुआ नजर आ रहा है। सड़क पर गुजरने वाले लोगों के लिए यह नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। युवक इसी हालत में करीब 14 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। सांप की पहचान होने से इलाज में मदद मिलने की बात सामने आई है।
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सोशल मीडिया पर वीडियो ने मचाई हलचल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी को युवक का फैसला हैरान कर रहा है तो कोई इसे बेहद जोखिम भरा कदम बता रहा है। हालांकि, सांप के काटने की स्थिति में विशेषज्ञों की सलाह यही है कि सांप को पकड़ने, गले में डालने या उसके बेहद करीब जाने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। इससे दोबारा काटे जाने का खतरा बढ़ सकता है। अगर सांप की पहचान जरूरी हो तो उसे पकड़कर साथ ले जाने के बजाय सुरक्षित दूरी से फोटो या वीडियो लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
एक सांप के लिए इतना बड़ा रिस्क क्यों?
युवक का मकसद डॉक्टरों को सांप की पहचान कराने का रहा होगा, लेकिन इसके लिए जिंदा सांप को गले में डालकर बाइक चलाना बेहद खतरनाक था। एक छोटी सी चूक दोबारा सांप के काटने या सड़क हादसे का कारण बन सकती थी। फिलहाल, पखांजूर की यह घटना एक बात जरूर सिखाती है—सांप ने काटा हो तो इलाज के लिए अस्पताल जाएं, सांप को ‘पैसेंजर’ बनाकर नहीं।
