Jindal Coal Block Mining Plan Case: जिंदल कोल ब्लॉक पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा माइनिंग प्लान
Jindal Coal Block Mining Plan Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायगढ़ जिले में जिंदल स्टील को आवंटित गारे 4/6 कोल ब्लॉक मामले में अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को खदान का विस्तृत माइनिंग प्लान प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
यह आदेश 49 किसानों द्वारा जमीन वापसी की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
कोर्ट ने मांगी स्पष्ट कार्ययोजना
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन से कहा कि केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि खनन के बाद जमीन लौटा दी जाएगी, बल्कि इसके लिए स्पष्ट और समयबद्ध योजना भी पेश करनी होगी।
कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर माइनिंग प्लान पेश करने का निर्देश दिया है।
49 किसानों ने उठाया जमीन वापसी का मुद्दा
रायगढ़ जिले के 49 किसानों ने याचिका दायर कर अपनी जमीन वापस करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन कोल ब्लॉक के लिए ली गई, लेकिन अब तक न तो स्पष्ट योजना है और न ही वापसी की समयसीमा तय की गई है।
संवैधानिक मुद्दा भी उठा
याचिकाकर्ताओं ने भू राजस्व संहिता की धारा 247 को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है। उनका कहना है कि नया भूमि अधिग्रहण कानून आने के बाद भी पुरानी धारा के तहत जमीन ली जा रही है, जो संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है।
किसानों की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने दलील दी कि नए कानून में सामाजिक प्रभाव आकलन, पुनर्वास और पुनर्स्थापना जैसे प्रावधान हैं, जो इस धारा में नहीं हैं।
राज्य सरकार का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह भूमि अधिग्रहण नहीं, बल्कि केवल उपयोग अधिकार का मामला है और खनन पूरा होने के बाद जमीन वापस कर दी जाएगी। हालांकि, सरकार ने अब तक इसके लिए कोई स्पष्ट समयसीमा या योजना पेश नहीं की है।
23 साल में खत्म होगी ओपन माइनिंग
पर्यावरण अनुमति के अनुसार, ओपन माइनिंग 23 साल में और अंडरग्राउंड माइनिंग 34 साल में पूरी हो जाएगी। कोर्ट ने कहा कि माइनिंग प्लान के आधार पर यह स्पष्ट होना चाहिए कि किस चरण में कौन सी जमीन किसानों को वापस की जा सकती है।
अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद
सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत माइनिंग प्लान पेश करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है।
