जोगी की प्रतिमा हटाने पर बवाल, JCCJ ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी – “या तो प्रतिमा लगेगी, या मेरी अर्थी उठेगी” : अमित जोगी
रायपुर। गौरेला में छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की प्रतिमा को रातोंरात हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे प्रदेश की अस्मिता और जनभावनाओं पर हमला बताया है। पार्टी ने 24 घंटे के भीतर प्रतिमा की पुनर्स्थापना की मांग की है, अन्यथा पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को रायपुर स्थित जोगी निवास सिविल लाइंस में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री सौरभ झा और मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि प्रतिमा को हटाकर कचरे में फेंकना न केवल स्व. जोगी का अपमान है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सवा तीन करोड़ जनता की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाने वाला कृत्य है।
“घटना ने सुशासन की पोल खोल दी”
भगवानू नायक ने कहा कि यह घटना मौजूदा राज्य सरकार के ‘सुशासन’ के दावों को झूठा साबित करती है। उन्होंने कहा, “प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से निष्क्रिय है और केवल दिखावे की कार्रवाई कर रहा है। स्व. अजीत जोगी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर कचरे में फेंकना उनकी जन्मस्थली गौरेला की जनता के साथ विश्वासघात है।”
सौरभ झा ने स्व. जोगी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जोगी डबरी, एनएमडीसी और कवर्धा शुगर मिल जैसी योजनाओं ने किसानों और आदिवासियों को आत्मनिर्भर बनाया था। उन्होंने कहा कि स्व. जोगी की विचारधारा को मिटाने की कोई भी कोशिश कभी सफल नहीं होगी।
“या तो प्रतिमा लगेगी, या मेरी अर्थी उठेगी” – अमित जोगी
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने इस मामले को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, “या तो जोगी जी की प्रतिमा पुनः स्थापित की जाएगी, या मेरी अर्थी उठेगी।” अमित जोगी ने आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की है और कहा है कि जब तक ज्योतिपुर चौक पर मूर्ति नहीं लगाई जाती, वे अनशन नहीं तोड़ेंगे।
इस घटना के विरोध में जोगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर पुतला दहन और प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस अपमानजनक घटना के खिलाफ दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आवाज उठाएं।
भाजपा सरकार पर सीधा हमला
रायपुर जिला अध्यक्ष माखन ताम्रकार ने इसे सत्ताधारी भाजपा सरकार की “संकीर्ण मानसिकता” का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “रात के अंधेरे में अजीत जोगी की प्रतिमा को हटाकर कचरे में फेंकना छत्तीसगढ़ की संस्कृति, स्मृति और अस्मिता का अपमान है। अगर 24 घंटे के भीतर प्रतिमा की पुनर्स्थापना नहीं हुई, तो जनता कांग्रेस उग्र प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।”
“जन्मस्थली पर षड्यंत्र” – युवा मोर्चा का विरोध
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है ताकि ज्योतिपुर चौक पर अजीत जोगी की प्रतिमा की जगह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाई जा सके। उन्होंने इस प्रयास को “छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान पर हमला” करार दिया।
युवा मोर्चा ने ऐलान किया है कि वह सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगा और तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक प्रतिमा को वहीं पुनः स्थापित नहीं कर दिया जाता। उनका कहना है कि अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के युवाओं और छात्रों को एक नई दिशा दी थी और उनकी मूर्ति को हटाना भविष्य के साथ अन्याय है।
