सरकारी दुकान से कोचियों को शराब की सप्लाई, रात में कोचियों का नेटवर्क एक्टिव
जगदलपुर। बस्तर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। चांदनी चौक स्थित शासकीय शराब दुकान पर एक कोचिए को दिनदहाड़े बड़ी मात्रा में शराब सप्लाई करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह पूरा मामला कैमरे में कैद हो गया है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सरकार की सख्ती के बावजूद यह गोरखधंधा कैसे फल-फूल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और कैमरे में कैद तस्वीरों के मुताबिक, एक युवक दुकान में बैग लेकर दाखिल होता है और कुछ ही देर बाद वही बैग शराब की बोतलों से भरकर उसे सौंप दिया जाता है। गौर करने वाली बात यह है कि छत्तीसगढ़ में शराब खरीदने की वैध सीमा अधिकतम 6 लीटर है, जबकि युवक को एक बार में 9 बियर और 10 क्वार्टर यानी 8 लीटर से अधिक शराब दी गई।
दिन में खुलेआम धंधा, रात में फैलता नेटवर्क
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात होते ही कोचियों का नेटवर्क सक्रिय हो जाता है और गली-गली में शराब की अवैध बिक्री होती है। छोटे कस्बों से लेकर शहर की गलियों तक, हर जगह इनका प्रभाव है। सवाल यह भी उठता है कि जब दिन के उजाले में ही इतनी आसानी से शराब की अवैध सप्लाई की जा रही है, तो रात के अंधेरे में क्या हालात होंगे?
जिम्मेदार चुप, विभाग का रवैया संदिग्ध
जब इस पूरे मामले को लेकर आबकारी विभाग से जवाब मांगा, तो वहां से कोई भी अधिकारी कैमरे पर बयान देने को तैयार नहीं हुआ। एक अधिकारी ने यहां तक कह दिया कि वे अधिकृत नहीं हैं, जिससे यह संदेह गहरा गया कि कहीं न कहीं पूरे सिस्टम में मिलीभगत है या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं।
सरकारी दुकान से ही फल-फूल रहा है कोचियों का धंधा
यह सबसे चिंताजनक स्थिति है कि जिस दुकान को सरकार संचालित करती है, वहीं से अवैध शराब का खेल खेला जा रहा है। यह न सिर्फ सरकारी नीतियों की असफलता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि कोचियों और अधिकारियों के बीच साठगांठ का जाल कितना मजबूत है।
