Europe Heatwave : यूरोप में गर्मी से 62,700 लोगों की मौत, कई देशों का तापमान 41 डिग्री के पार
Europe Heatwave : ठंडे मौसम के लिए मशहूर यूरोप पर 2024 की भीषण गर्मी ने कहर बरपाया। नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित ताजा अध्ययन के अनुसार जून से सितंबर 2024 के बीच हीटवेव के कारण लगभग 62,700 लोगों की मौत हुई। 2022 से 2024 की तीन गर्मियों में कुल मौतों का आंकड़ा 1.81 लाख तक पहुंच गया। महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा गया।
दक्षिणी यूरोप में सबसे अधिक मौतें
बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ (ISGlobal) ने 32 यूरोपीय देशों के दैनिक मृत्यु आंकड़ों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की गर्मी अब तक की सबसे गर्म रही और अनुमानित मौतों का दो-तिहाई हिस्सा दक्षिणी यूरोप में हुआ।
- इटली सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां बुजुर्गों की आबादी अधिक है।
- 1 जून से 30 सितंबर 2024 तक मौतों की दर 2023 की तुलना में 23% बढ़ी, हालांकि कुल संख्या 2022 की 67,900 मौतों से थोड़ा कम रही।
अध्ययन के मुख्य लेखक टोमास जानोस ने चेतावनी दी कि “यह आंकड़ा बताता है कि हमें अपनी आबादी को गर्मी से बचाने के लिए तत्काल तैयारी करनी होगी।” यूरोपीय संघ की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने भी पुष्टि की कि 2024 यूरोप के इतिहास की सबसे गर्म गर्मी थी।
2025 में भी बढ़ रहा दबाव
हालांकि यह अध्ययन 2025 को शामिल नहीं करता, लेकिन इटली की इमरजेंसी मेडिसिन सोसाइटी (SIMEU) ने बताया कि इस साल भी हालात गंभीर हैं। कई इलाकों में आपातकालीन कक्षों में आने वाले मरीजों की संख्या 20% तक बढ़ गई है। सोसाइटी के अध्यक्ष एलेसांद्रो रिकार्डी के अनुसार, पहले से बीमार और कमजोर बुजुर्गों को ज्यादा अस्पताल देखभाल की जरूरत पड़ी, जिससे अस्पतालों पर वैसा ही दबाव है जैसा फ्लू के मौसम में होता है।
हीटवेव से बचाव की जरूरत
यूरोपीय स्वास्थ्य प्राधिकरण हीटवेव की चेतावनी तो जारी करते हैं, लेकिन हर देश में हीटवेव की परिभाषा अलग है। जानोस का कहना है कि कई जगहों पर 24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी मौतों का खतरा बढ़ जाता है।
- यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी के अधिकारी जेरार्डो सांचेज ने सुझाव दिया कि लंबे समय के निवेश की जरूरत है।
- इमारतों को गर्मी सहन करने योग्य बनाना और कूलिंग सिस्टम सभी के लिए उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
