ऑपरेशन सिंदूर के बाद कूटनीतिक प्रहार, UAE ने थामा भारत का हाथ
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए जवाबी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता ने न केवल पाकिस्तान की पोल खोली है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को मजबूती प्रदान की है। इसी कड़ी में शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में एक भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने वहां के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर आतंक के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा की।
UAE ने आतंक के खिलाफ भारत को दिया भरोसा
डेलीगेशन की बैठक के बाद सांसद श्रीकांत शिंदे ने बताया कि उन्होंने यूएई की फेडरल नेशनल काउंसिल की रक्षा समिति के अध्यक्ष अली राशिद अल नूमी और सहिष्णुता मंत्री शेख नाहयान से मुलाकात की। इन मुलाकातों में आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण पर चर्चा हुई। श्रीकांत शिंदे ने कहा, “UAE ने बेहद स्पष्ट संदेश दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। उनका कहना था कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और किसी भी धर्म के नाम पर आतंक को उचित नहीं ठहराया जा सकता।”
उन्होंने आगे कहा, “UAE में रहने वाले लाखों भारतीय जिस तरह से सुरक्षित और समृद्ध महसूस करते हैं, वह इस देश की नीति और भारत के साथ रिश्तों की गहराई को दर्शाता है। ऐसे समय में जब भारत को अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत है, UAE का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक है।”
26 पर्यटकों की बेरहमी से हत्या ने हिला दिया देश
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में पाकिस्तान से घुसे आतंकियों ने एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने धार्मिक पहचान के आधार पर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी। आतंकियों ने विशेष रूप से हिंदू यात्रियों को निशाना बनाया और कलमा न पढ़ने पर कई लोगों को परिवार के सामने गोलियों से भून डाला। इस नृशंस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत का निर्णायक जवाब
इस हमले के तुरंत बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को ड्रोन और मिसाइल हमलों से तबाह कर दिया। भारत के इस साहसिक और ठोस जवाब से पाकिस्तान बौखला गया और सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया।
अमेरिका के सीजफायर दावे को भारत ने किया खारिज
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीजफायर की घोषणा कर दावा किया कि उनके हस्तक्षेप से दोनों देशों के बीच युद्ध टल सका। हालांकि भारत ने अमेरिकी दावे को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि सीजफायर पाकिस्तान की ओर से DGMO स्तर पर मांगने के बाद भारत की शर्तों पर स्वीकार किया गया। भारत ने यह भी दोहराया कि भविष्य में किसी भी आतंकी हमले को सीधा युद्ध मानते हुए उसका जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान को सिंधु जल पर भी झटका
भारत ने यह भी साफ किया है कि सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को मिलने वाला पानी अब रोक दिया जाएगा। साथ ही भारत का रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तान से अब कोई भी बात केवल पाक अधिकृत कश्मीर (POK) को लेकर ही होगी।
भारत का यह कड़ा और स्पष्ट रुख दर्शाता है कि अब आतंकवाद को लेकर न तो कोई नरमी बरती जाएगी और न ही अंतरराष्ट्रीय दबाव में कोई झुकाव होगा। UAE जैसे देशों का समर्थन भारत की इस नीति को वैश्विक मंच पर मजबूती देने का कार्य करेगा।
