India Russia Oil Imports: रूस से तेल आयात में गिरावट, अमेरिका के दबाव का असर, देखें आंकड़े

India Russia Oil Imports: सूत्रों के अनुसार, भारत की तेल कंपनियां धीरे-धीरे रूस से तेल आयात में कटौती करेंगी। नायरा एनर्जी जैसी रिफाइनरियों के पास सीमित विकल्प होने के कारण आयात पूरी तरह बंद नहीं होगा। अमेरिका के साथ समझौते के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।

अमेरिका के साथ समझौते के बाद आयात में कटौती

सूत्रों ने बताया कि अमेरिका के साथ टैरिफ में बदलाव और व्यापार समझौते के तहत भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद धीरे-धीरे कम करने की संभावना है। हालांकि, नायरा एनर्जी जैसी कुछ रिफाइनरियों के पास सीमित विकल्प होने के कारण आयात पूरी तरह से बंद नहीं होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से होने वाले सभी आयातों पर 25 प्रतिशत के दंडात्मक शुल्क को रद्द करने का कार्यकारी आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम नयी दिल्ली की रूस से तेल आयात में कटौती की प्रतिबद्धता के बाद उठाया गया।

रूस से खरीद कम करने की सलाह

मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने बताया कि तेल शोधनशालाओं को रूस से खरीद रोकने का कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला है, लेकिन उन्हें अनौपचारिक रूप से आयात कम करने की सलाह दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, अधिकांश रिफाइनरियां पहले की गई खरीद प्रतिबद्धताओं (आमतौर पर 6-8 सप्ताह पहले दिए गए ऑर्डर) का सम्मान करेंगी, लेकिन नए ऑर्डर नहीं दिए जाएंगे।

इन कंपनियों ने बंद किया रूस से तेल आयात

एचपीसीएल, एमआरपीएल और एचएमईएल ने अमेरिका द्वारा रूस के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगने के बाद रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था।

अब आईओसी और बीपीसीएल भी अपनी खरीद धीरे-धीरे कम करेंगे।

भारत की सबसे बड़ी खरीदार रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले कुछ हफ्तों में 1,50,000 बैरल की खेप प्राप्त होने के बाद रूसी तेल की खरीद बंद कर सकती है।

नायरा एनर्जी की स्थिति:

रूसी हिस्सेदारी (रोसनेफ्ट की 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी) के कारण नायरा एनर्जी इस नियम का अपवाद हो सकती है। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते अन्य आपूर्तिकर्ता कंपनी के साथ व्यावसायिक लेन-देन नहीं करना चाहते, इसलिए नायरा कुछ रूसी तेल खरीद जारी रख सकती है।

आयात में गिरावट का आंकड़ा

दिसंबर 2025: औसतन 12 लाख बैरल/दिन

मई 2023 का उच्चतम स्तर: 21 लाख बैरल/दिन

जनवरी 2026: घटकर 11 लाख बैरल/दिन

आने वाले महीनों में: संभावना 10 लाख बैरल/दिन से नीचे

सरकारी प्रतिक्रिया

पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। वाणिज्य और विदेश मंत्रालय ने भी रूस से तेल आयात संबंधी भारत की प्रतिबद्धताओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

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