वोट चोरी पर बवाल! INDIA ब्लॉक का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला! क्या लाया जाएगा महाभियोग?
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता आंकड़ों में कथित हेरफेर को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने सोमवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (CCI) में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
गौरव गोगोई का आरोप – आयोग जिम्मेदारी से भाग रहा
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि चुनाव आयोग को मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में विसंगतियां पाई गईं, जबकि वीडियो डेटा हटाए जाने जैसे गंभीर मुद्दों पर आयोग चुप है। गोगोई ने कहा कि आयोग विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय उन अधिकारियों के भरोसे चल रहा है, जो विपक्षी दलों की शिकायतों की जांच नहीं कर रहे।
सपा का दावा – आयोग को दिए कई हलफनामे
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग के उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि विपक्ष तथ्यों के बिना आरोप लगा रहा है। यादव ने कहा कि सपा नेताओं ने 2018 से ही आयोग को कई बार शिकायतों के साथ हलफनामे दिए हैं। यहां तक कि 2022 में मतदाता सूची से 18,000 नाम हटाने को लेकर भी हलफनामा दिया गया, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
महुआ मोइत्रा की मांग – भंग हो लोकसभा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाता सूचियों के लिए पूर्व चुनाव आयुक्तों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और वर्तमान लोकसभा को तुरंत भंग कर दिया जाना चाहिए। मोइत्रा ने याद दिलाया कि उनकी पार्टी की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले भी डुप्लिकेट वोटर आईडी कार्ड का मुद्दा उठाया था, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
विपक्ष लाएगा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव?
सूत्रों के मुताबिक, वोटर वेरिफिकेशन और कथित “वोट चोरी” के मुद्दे पर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने इस संभावना पर कहा कि फिलहाल पार्टी के भीतर इस पर चर्चा नहीं हुई है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो कांग्रेस नियमों के अनुसार महाभियोग प्रस्ताव ला सकती है।
चुनाव आयोग ने आरोपों को बताया निराधार
गौरतलब है कि 17 अगस्त को चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को चेतावनी दी थी कि वे सात दिन के भीतर अपने आरोपों को साबित करने के लिए हलफनामा दाखिल करें, अन्यथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा था कि यदि राहुल गांधी हलफनामा नहीं देते, तो यह मान लिया जाएगा कि उनके आरोप तथ्यहीन और निराधार थे।
