HC का बड़ा फैसला,जियोलॉजी में मास्टर डिग्री ही मान्य, एम टेक डिग्री धारकों की याचिकाएं खारिज

बिलासपुर हाईकोर्ट ने असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती से जुड़ी याचिकाओं पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि इस पद के लिए केवल जियोलॉजी में मास्टर डिग्री ही मान्य होगी। वहीं, एम.टेक (सॉयल एंड वाटर इंजीनियरिंग) डिग्री धारकों को पात्रता सूची में शामिल करने की मांग खारिज कर दी गई है।

 

दरअसल, वर्ष 2020 में जारी भर्ती विज्ञापन में जियोलॉजी में पीजी डिग्री को अनिवार्य किया गया था। इसके खिलाफ एम.टेक पास युवाओं ने आपत्ति दर्ज कराते हुए दलील दी थी कि उनकी डिग्री भी जियोलॉजी के समकक्ष है, इसलिए उन्हें भी पात्र माना जाना चाहिए।

 

मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि भर्ती नियम तय करना राज्य सरकार का अधिकार है। 2014 में बने नियमों के अनुसार केवल जियोलॉजी में मास्टर डिग्री ही पात्रता के रूप में मान्य है और यह नियम पूरी तरह वैध है।

 

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एम.टेक (सॉयल एंड वाटर इंजीनियरिंग) डिग्री कृषि क्षेत्र में उपयोगी हो सकती है, लेकिन जियो हाइड्रोलॉजी के कार्यक्षेत्र के अनुरूप नहीं है। इसलिए याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है और इसे खारिज किया जाता है

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