गुजरात में बारिश का कहर… सड़कें-पुल क्षतिग्रस्त, 104 लोगों की मौत

गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। वलसाड जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण गरबा पंडालों को नुकसान हुआ है और आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वलसाड में गरबा पंडालों को नुकसान
वलसाड के गोकुल इलाके, पारनेरा और अन्य जगहों में तेज हवाओं और बिजली के साथ बारिश के कारण कई गरबा पंडालों को नुकसान हुआ। पारनेरा हिल स्टेशन स्थित माताजी के मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन बारिश के चलते लोग वहीं फंस गए। गोकुल ग्रुप पंडाल में बनाया गया डॉम भी तेज हवा के कारण उड़ गया, जिससे आयोजकों ने गरबा रद्द कर दिया।

मोरबी में बच्चों की दर्दनाक मौत
मोरबी जिले में पनेली रोड के पास पानी से भरे गड्ढे में तीन बच्चे डूब गए। छह साल के कुलदीप, चार साल की खुशबू और पांच साल की प्रतिज्ञा दोपहर करीब तीन बजे खेलते समय गड्ढे में गिर गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। मामले की जांच जारी है।

महाराष्ट्र में बाढ़ का कहर
मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ जिलों में 3,050 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। 1 जून से 29 सितंबर तक बारिश-बाढ़ के कारण 104 लोगों की मौत हो चुकी है। नांदेड़ में सबसे ज्यादा 28 लोगों की जान गई। संभाजीनगर, बीड, हिंगोली, जालना, धाराशिव, परभणी और लातूर में भी बाढ़ से मौतें हुईं।

बाढ़ के कारण 2,701 किलोमीटर सड़कें और 1,504 पुल क्षतिग्रस्त हुए, 1,064 स्कूल, 352 केंद्र और 58 सरकारी भवन खराब हुए। मौसम और बाढ़ को देखते हुए महाराष्ट्र बोर्ड ने 12वीं क्लास के एग्जाम फॉर्म भरने की तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी है।

मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, पूरे देश में मानसून की विदाई 15 अक्टूबर तक होने की संभावना है। 1 जून से 30 सितंबर तक होने वाली बारिश को मानसूनी बारिश माना जाता है, जिसके बाद भी छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

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