गोल्ड-सिल्वर मार्केट में बड़ी गिरावट: चांदी 8000 रुपये तक सस्ता, जानिए आज के नए रेट
कीमती धातुओं के बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। गोल्ड-सिल्वर दोनों के दामों में तेज कमजोरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों का ध्यान एक बार फिर बाजार की ओर खिंच गया है। कारोबार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला और दिन चढ़ने के साथ कीमतों में गिरावट और गहरी होती गई। खासकर चांदी की कीमतों में आई भारी कमी ने बाजार को चौंका दिया।
एमसीएक्स पर फिसले सोना और चांदी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 1400 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी भी जोरदार दबाव में रही और इसके दाम में करीब 8000 रुपये प्रति किलो तक की कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दामों के बाद मुनाफावसूली का दौर तेज हुआ है।
बुलियन मार्केट में भी दिखी नरमी
घरेलू बुलियन बाजार में भी गोल्ड-सिल्वर सस्ते हुए हैं। 24 कैरेट सोने के दाम में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जबकि 22 और 18 कैरेट सोने की कीमतें भी नीचे आई हैं। चांदी के भाव में भी प्रति किलो हजारों रुपये की कमी दर्ज की गई, जिससे आभूषण बाजार में हलचल बढ़ गई है।
अमेरिकी ब्याज दरों ने बढ़ाया दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता का असर गोल्ड-सिल्वर पर पड़ा है। निवेशकों को आशंका है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। ऐसी स्थिति में निवेशक गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोना और चांदी से दूरी बनाकर अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
मुनाफावसूली से बढ़ी बिकवाली
पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे थे। ऐसे में बड़े निवेशकों और फंड मैनेजरों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। इसी वजह से बाजार में दबाव बढ़ा और कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड का भी असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब निवेशकों का रुझान सोने-चांदी से हटकर डॉलर आधारित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ जाता है, जिससे धातुओं की मांग प्रभावित होती है।
वैश्विक बाजार में कमजोरी का असर
अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में भी गोल्ड-सिल्वर कमजोर बने हुए हैं। विदेशी बाजारों में गिरावट का सीधा असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता और आर्थिक संकेतकों को लेकर अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं में दबाव बना हुआ है, जिसका असर घरेलू कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
