फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे 4 साल से कर रहे थे नौकरी, अब शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई, चार कर्मचारी बर्खास्त
फर्जी नियुक्ति
खैरागढ़। शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए पिछले चार वर्षों से नौकरी कर रहे चार कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ये कर्मचारी सहायक ग्रेड-3 और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर अलग-अलग स्कूलों में कार्यरत थे। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए, जिसके बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
सितंबर 2021 में जारी हुए थे फर्जी आदेश
जांच में सामने आया कि सितंबर 2021 में राज्य शिक्षा आयोग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के नाम से जारी फर्जी आदेश के आधार पर टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिन्हा, रजिया अहमद और अजहर अहमद को विभिन्न स्कूलों में नियुक्ति दे दी गई थी। ये सभी लंबे समय से स्कूलों में कार्यरत रहकर नियमित रूप से वेतन भी प्राप्त कर रहे थे।
हाई और हायर स्कूलों में हुई थी पदस्थापना
फर्जी नियुक्ति आदेश के अनुसार टीकमचंद साहू को हाईस्कूल मोहगांव, फगेंद्र सिन्हा को उमा शाला बकरकट्टा, रजिया अहमद को उमा शाला पैलीमेटा में सहायक ग्रेड-3 के रूप में पदस्थ किया गया था। वहीं अजहर अहमद को छुईखदान बीईओ कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर पदस्थापित किया गया था।
इसी आदेश में सीएच एंथोनी को ठाकुरटोला उमा शाला में सहायक ग्रेड-3 नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने कभी ज्वाइनिंग नहीं दी।
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दस्तावेजों की जांच में खुली पोल
शुरुआत में दावा किया जा रहा था कि नियुक्तियां शिक्षा विभाग के अवर सचिव के आदेश के तहत हुई हैं। लेकिन जब डीईओ कार्यालय ने राज्य शिक्षा आयोग से आदेश की सत्यता की पुष्टि की, तो पता चला कि उक्त क्रमांक का पत्र शिक्षा विभाग द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा की विवेकानंद नगर शाखा को जारी किया गया था। इसके अलावा, दस्तावेजों में उपलब्ध आयोग सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के हस्ताक्षर भी आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे।
नियमों के तहत की गई बर्खास्तगी
फर्जीवाड़ा सामने आने और आयोग के नाम से जारी आदेश को फर्जी पाए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी ने चारों कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 10(9) के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया है।


