महिला–बाल विकास पर फोकस: वित्तमंत्री ने किया रानी दुर्गावती योजना का ऐलान, 18 साल पर बेटियों को मिलेंगे 1.5 लाख
महिला–बाल विकास पर फोकस
मंगलवार को वित्तमंत्री O. P. Choudhary द्वारा पेश बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के लिए बजट में 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की लाखों महिलाओं को निरंतर आर्थिक संबल मिलता रहेगा।
नई पहल: रानी दुर्गावती योजना का ऐलान
बजट में एक नई और अहम योजना रानी दुर्गावती योजना की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत बालिकाओं के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य बेटियों को गरिमामयी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और शिक्षा व सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना है।
गांव-गांव तक सुविधा: महतारी सदन और आंगनबाड़ी संचालन
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ करने के लिए 250 महतारी सदनों के निर्माण हेतु 75 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश की आंगनबाड़ियों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें पूरक पोषण आहार योजना के लिए 650 करोड़ रुपये और कुपोषण मुक्ति योजनाओं के लिए 235 करोड़ रुपये अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं।
नए आंगनबाड़ी भवन और केंद्रों का विस्तार
शहरी क्षेत्रों में 250 और ग्रामीण क्षेत्रों में अभिसरण के माध्यम से 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बच्चों और माताओं तक पोषण व स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर होगी।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं को भी बल
बजट में प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन प्रावधानों से मातृ एवं बाल संरक्षण से जुड़ी सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम
कुल मिलाकर यह बजट महिला और बाल विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। महतारी वंदन से लेकर रानी दुर्गावती योजना तक, सरकार का फोकस महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, पोषण और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूत करने पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
