पायरेसी का शिकार हुए ‘Sidhwa Sajan’ के निर्माता, यूट्यूब चैनल पर बिना अनुमति फिल्म अपलोड!

रायपुर : छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत (छॉलीवुड) में पायरेसी का एक बड़ा मामला सामने आया है। रायपुर के टाटीबंध निवासी फिल्म निर्माता दिनेश कुमार मिश्रा की शिकायत पर आमानाका पुलिस ने यूट्यूब चैनल संचालक सुनील दिवाकर के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत FIR दर्ज की है। आरोपी ने बिना अनुमति के सेंसर बोर्ड से प्रमाणित फिल्म ‘Sidhwa Sajan’ को अपने चैनल SDF PRODUCTION पर अपलोड कर दिया, जिससे निर्माता को करीब 35 लाख रुपये की आर्थिक हानि हुई।

 

क्या है पूरा मामला?

दिनेश कुमार मिश्रा मेसर्स व्हीआरएस प्रोडक्शन के प्रोप्राइटर हैं। उन्होंने साल 2014 में छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘Sidhwa Sajan’ का निर्माण किया था। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) से प्रमाणपत्र मिला था। निर्माण में करीब 35 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन निर्माता ने इसके कॉपीराइट किसी को नहीं बेचे।

 

यूट्यूब पर वायरल हुई पायरेटेड फिल्म

घटना का खुलासा 4 फरवरी 2025 की सुबह हुआ, जब निर्माता ने यूट्यूब पर सर्च किया। उनकी फिल्म SDF PRODUCTION नामक चैनल पर अपलोड मिली। चैनल संचालक सुनील दिवाकर ने बिना सहमति के इसे गैरकानूनी तरीके से डाला था। फिल्म को अब तक साढ़े पांच लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। आरोपी ने विज्ञापनों के जरिए लाखों रुपये की कमाई की, जबकि मूल निर्माता को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

 

पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट में दर्ज की FIR

निर्माता की शिकायत पर आमानाका थाना पुलिस ने आरोपी सुनील दिवाकर के खिलाफ धारा 63(B) कॉपीराइट एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। साक्ष्य के तौर पर यूट्यूब चैनल के स्क्रीनशॉट्स, प्रोड्यूसर कार्ड, सेंसर सर्टिफिकेट और फिल्म की क्लिप वाली सीडी सौंपी गई। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल नंबर और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर जांच कर रही है।

 

दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा, “मेरी सहमति के बिना फिल्म को आर्थिक लाभ कमाने की मंशा से अपलोड किया गया है। अब तक लाखों लोग इसे देख चुके हैं, जिससे मुझे भारी वित्तीय क्षति हुई है।”

 

फिल्म जानकारों का कहना है कि इस तरह की पायरेसी से क्षेत्रीय सिनेमा को बड़ा झटका लगता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी ओरिजिनल कंटेंट को बिना अनुमति के सोशल मीडिया या यूट्यूब पर अपलोड करना दंडनीय अपराध है।

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