वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आदेश: नई जीएसटी दर पर ही बेचें सामान, न मानने पर होगी कार्रवाई
ओपी चौधरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ किया है कि जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद साबुन, तेल, वाहन और अन्य सामान की नई दरों पर ही बिक्री करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दुकानदार नए रेट पर सामान नहीं बेचता, तो उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1915 या वॉट्सऐप 8800001915 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत केंद्रीकृत होकर जीएसटी विभाग को भेजी जाएगी और ग्राहक को शिकायत ट्रैक करने के लिए कंप्लेन नंबर SMS के माध्यम से मिलेगा।
जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि कंपनियों को जीएसटी दरों में हुई कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना ही होगा। हालांकि, छोटे व्यापारियों के पास पुराने स्टॉक होने के कारण तुरंत नए रेट लागू करना व्यावहारिक नहीं होता। कई बार यह अज्ञानता या प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण भी होता है।
शिकायत कैसे करें
यदि कोई दुकानदार पुराने दाम पर सामान बेचता है या बिल नहीं देता, तो उपभोक्ता निम्न माध्यमों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
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राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के INGRAM पोर्टल
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टोल-फ्री नंबर 1915
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वॉट्सऐप या उमंग एप
मेडिकल स्टोर और दवा की नई दरें
अधिकांश दवाओं पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है। कुछ लाइफ-सेविंग और कैंसर दवाओं को पूरी तरह जीएसटी से मुक्त किया गया है। बड़ी दवा रिटेल चेन नई दरें लागू कर चुकी हैं। यदि कोई मेडिकल स्टोर कटौती नहीं करता है, तो ग्राहक शिकायत कर सकता है।
जागरूकता और निरीक्षण
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि विभाग मूल्य-परिवर्तन का निरीक्षण करें और व्यापारियों को नए रेट्स लागू करने के लिए जागरूक करें। जीएसटी विभाग व्यापारियों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के लिए सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित कर रहा है।
दुकानदार पुराने रेट पर बेच रहे सामान
रायपुर में अधिकांश खुदरा दुकानदार अभी भी पुराने स्टॉक का हवाला देते हुए पुराने रेट पर ही सामान बेच रहे हैं। उदाहरण के तौर पर:
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देवेंद्र नगर के ओम किराना स्टोर में टूथब्रश और वीको के ब्रस पुराने दाम पर बेचे जा रहे हैं।
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पंडरी के एसएस प्रोविजन स्टोर में एलईडी बल्ब और क्लीनिक प्लस शैंपू पुराने रेट पर बेचे जा रहे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि उनके पास जो माल पहले से पड़ा है, वह पुराने रेट पर खरीदा गया था। नुकसान उठाकर नई दर पर बेचना संभव नहीं है। वहीं, ग्राहकों का कहना है कि सरकार ने तो कीमतें घटाने का ऐलान किया था, लेकिन बाजार में कोई फर्क दिखाई नहीं दे रहा।
