मानसून सत्र का पांचवां दिन: हंगामे के बीच सरकार पेश करेगी अहम बिल, संसद में आज भी गूंजेगा ‘बिहार वोटर वेरिफिकेशन’

नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज यानी शुक्रवार, 25 जुलाई को अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। विपक्षी दल आज भी केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर में नजर आएंगे। खासतौर पर बिहार वोटर वेरिफिकेशन मामले को लेकर सदन में जोरदार हंगामे के आसार हैं। वहीं, आज एक अहम प्रस्ताव पर भी नज़रें टिकी होंगी — गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि को छह महीने बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करेंगे। गौरतलब है कि मणिपुर में पहले से राष्ट्रपति शासन लागू है और उसकी मौजूदा अवधि समाप्त होने वाली है, जिसे बढ़ाने की तैयारी केंद्र कर चुका है।

सत्र में 15 से अधिक विधेयक पेश होने की तैयारी, 8 नए बिल भी शामिल:

इस मानसून सत्र का समापन 21 अगस्त को होगा। कुल 32 दिन के इस सत्र में 18 बैठकें प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार ने इस दौरान 15 से अधिक विधेयक पेश करने की योजना बनाई है। इनमें से 8 बिल नए होंगे, जबकि 7 ऐसे बिल हैं जो पहले से लंबित हैं। जिन अहम विधेयकों पर चर्चा संभावित है, उनमें मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक 2025, इनकम टैक्स विधेयक और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल प्रमुख हैं।

कल का सत्र भी रहा हंगामेदार – केवल 12 मिनट चली लोकसभा:

गुरुवार, 24 जुलाई को संसद सत्र के चौथे दिन भी सदन में शांति नहीं रही। बिहार वोटर वेरिफिकेशन के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी नेता नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए और विरोध में पोस्टर लहराए। इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सिर्फ 12 मिनट चल पाई।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “तख्तियां लेकर सदन में आने से लोकतंत्र नहीं चलता।” उन्होंने कांग्रेस सांसदों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि “ये आपके संस्कार नहीं हैं।” बढ़ते हंगामे के बीच लोकसभा को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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