पश्चिम बंगाल में SIR पर बवाल: महिला BLO की जूतों से पिटाई, ‘बांग्लादेशी’ नागरिक के रूप में पहचान की तो आरोपी के परिवार ने किया हमला
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हुगली जिले के डांकुनी इलाके में एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) बिमली टुडु हांसदा की जूतों से पिटाई की गई। बिमली ने डांकुनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
बिमली ने बताया कि उन्होंने SIR कार्य के तहत बूथ नंबर 5 (वार्ड नंबर 2) में अब्दुल रहीम गाजी नामक व्यक्ति को ‘बांग्लादेशी नागरिक’ के रूप में चिह्नित कर उच्च अधिकारियों को सूचित किया था। उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था, लेकिन वे बर्द्धमान जिले के एक व्यक्ति को अभिभावक बताकर नाम शामिल कराने की कोशिश कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर गाजी और उनके परिवार ने बिमली पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गाजी की पत्नी उनके घर आई और धमकी दी।
दक्षिण 24 परगना में स्पेशल ऑब्जर्वर पर हमला
दूसरी घटना दक्षिण 24 परगना के मगराहाट में हुई, जहां SIR हियरिंग के दौरान स्पेशल रोल ऑब्जर्वर (SRO) सी. मुरुगन पर विरोध और हमला हुआ। 29 दिसंबर 2025 को मुरुगन मगराहाट-1, मगराहाट-2 और कुलपी ब्लॉक के SIR हियरिंग कैंप में गए थे। प्रदर्शनकारियों (ज्यादातर महिलाएं) ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, कार के दरवाजे का हैंडल तोड़ा और थप्पड़ मारे। पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की।
मुरुगन ने कहा, “मैं चुनाव आयोग के निर्देश पर काम करने आया हूं, मैं अपना काम पूरा करूंगा।” यह तीसरी बार था जब उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा (पहले फाल्टा और हल्दरपारा में)। प्रदर्शनकारियों ने SIR की योजना पर सवाल उठाए और बुजुर्ग, बीमार व गर्भवती मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से बुलाने का विरोध किया।
चुनाव आयोग की सख्ती, DGP से रिपोर्ट मांगी
चुनाव आयोग ने दोनों घटनाओं पर गंभीर नाराजगी जताई है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को पत्र लिखकर सुरक्षा चूक पर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। मुरुगन की 30 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के आधार पर 6 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने स्पेशल ऑब्जर्वरों और BLOs की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
SIR का पृष्ठभूमि और विवाद
SIR 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की विशेष संशोधन प्रक्रिया है, जिसमें फर्जी, मृत और अवैध प्रवासियों (खासकर बांग्लादेशी) के नाम हटाने पर फोकस है। TMC ने SIR का विरोध किया है, जबकि BJP ने इसे फर्जी वोटर्स हटाने का जरिया बताया है। प्रक्रिया के दौरान BLOs पर दबाव, विरोध और हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं।
दोनों मामलों में जांच जारी है। पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जबकि चुनाव आयोग ने राज्य में SIR प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
