खैरागढ़ में किसानों का फूटा गुस्सा: बे-मौसम बारिश से फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव
खैरागढ़। जिले में बे-मौसम बारिश से फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद आज किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों गांवों से हजारों किसान धान की खराब बालियां हाथों में लेकर खैरागढ़ जिला मुख्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। विधायक यशोदा वर्मा के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए फसल नुकसान का सर्वे कराकर तत्काल मुआवजा देने की मांग की।
करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग जाम की स्थिति में रहा। किसानों का कहना था कि बे-मौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिन खेतों की फसल कट चुकी थी, वे पूरी तरह सड़ गईं, जबकि खड़ी फसलें गिरकर खराब हो गईं।
किसानों की पीड़ा:
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि उनकी फसलें न बेचने लायक रहीं, न खाने लायक। कई किसान अपने खेतों से सड़ा हुआ धान लेकर आए ताकि प्रशासन को असली स्थिति दिखाई जा सके। उन्होंने मांग की कि प्रशासन स्वयं खेतों में जाकर सर्वे करे और नुकसान का सही आकलन कर मुआवजा व बीमा राशि तत्काल प्रदान करे।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि इस बार उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाया, और अब बारिश ने रही-सही उम्मीद भी तोड़ दी। कई किसान पहले से ही कर्ज में डूबे हैं और अब उन्हें राहत की सख्त जरूरत है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर सर्वे शुरू नहीं हुआ और मुआवजे की घोषणा नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
प्रशासन का जवाब:
डिप्टी कलेक्टर अविनाश ठाकुर ने किसानों की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों की मुख्य मांग बे-मौसम बारिश से हुई फसल क्षति का सर्वे कराना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तीन दिनों के भीतर सर्वे पूरा कर लिया जाएगा और शासन के नियमों के अनुसार किसानों को क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी।
