धान खरीदी केंद्र खुलवाने की मांग को लेकर किसानों ने किया चक्का जाम, धरना जारी

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र के पानीडोबीर में धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग को लेकर किसानों ने आज कोयलीबेड़ा में चक्का जाम कर दिया। सड़क पर उतर आए नाराज किसानों का कहना है कि बिना केंद्र खुले धान बेचना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी उपज खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि स्थिति बिगड़े नहीं।

 

किसानों का आक्रोश और मांगें

किसानों के अनुसार, पिछले साल पानीडोबीर में उपकेंद्र के नाम पर धान की खरीदी हुई थी, लेकिन इस साल 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई राज्यव्यापी धान खरीदी के बावजूद यहां अब तक कोई व्यवस्था नहीं हुई। नाराज किसानों ने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया और साफ ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, चक्का जाम और धरना जारी रहेगा।

 

मौके पर सैकड़ों किसान इकट्ठा हो चुके हैं। वे प्रशासन से तत्काल खरीदी केंद्र खोलने, उपज का समय पर समर्थन मूल्य पर खरीदा जाना और परिवहन की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। एक किसान ने कहा, “हमारी फसल सड़ रही है, लेकिन केंद्र न खुलने से हम दूर के इलाकों में भटक रहे हैं। सरकार ने 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का दावा किया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।”

 

राज्यव्यापी धान खरीदी का समय और चुनौतियां

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी का शुभारंभ 15 नवंबर 2025 को किया था, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। राज्य में कुल 2,500 से अधिक खरीदी केंद्रों पर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल (सामान्य धान के लिए) के भाव पर खरीदी हो रही है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में केंद्रों की कमी, परिवहन की समस्या और उठाव में देरी से किसान परेशान हैं।

 

कांकेर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में यह समस्या और गंभीर है, जहां सड़कें खराब हैं और किसानों को केंद्र तक पहुंचना ही चुनौती बन जाता है। हाल ही में गरियाबंद, भानुप्रतापपुर और अंतागढ़ जैसे जिलों में भी इसी मांग को लेकर चक्का जाम और धरने हुए हैं। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज होगा।

Youthwings