धान खरीदी केंद्र में किसानों का प्रदर्शन, नमी के नाम पर मनमानी कटौती का आरोप
राजिम । लोहरसी धान खरीदी केंद्र पर शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा हो गया जब सैकड़ों किसानों ने केंद्र प्रबंधन पर नमी के नाम पर प्रति बोरी 1 किलो तक की मनमानी कटौती करने का गंभीर आरोप लगाया। किसानों ने केंद्र के बाहर जोरदार नारेबाजी की और प्रदर्शन करते हुए खरीदी पूरी तरह रोक दी।
“बिना मानक के हो रही है कटौती”
किसानों का कहना है कि केंद्र के कर्मचारी बिना किसी वैज्ञानिक मापदंड या मशीन के सिर्फ हाथ से छूकर या देखकर ही “ज्यादा नमी” का बहाना बनाकर 800-1000 ग्राम प्रति बोरी तक कटौती कर रहे हैं। एक किसान ने बताया, “हम कई दिनों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी सुनवाई करने नहीं आया। नियम के मुताबिक नमी की जांच मशीन से होनी चाहिए, लेकिन यहां मनमानी चल रही है।
केंद्र के बाहर जमा हुए सैकड़ों किसान
सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान केंद्र के बाहर एकत्र हो गए और “धान खरीदी में भ्रष्टाचार बंद करो”, “मनमानी कटौती बंद करो” जैसे नारे लगाते रहे। कुछ देर बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और किसानों ने केंद्र का गेट बंद कर दिया।
जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत महाडिक मौके पर पहुंचे
विवाद की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत महाडिक मौके पर पहुंचे। किसानों ने उन्हें अपनी समस्याएं विस्तार से बताई
– बिना मशीन के सिर्फ अनुमान से कटौती
– शिकायत के बावजूद अधिकारियों का मौन
– खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव
महाडिक ने नाराज किसानों को शांत कराने की कोशिश की और केंद्र प्रभारी एवं संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
प्रदर्शन जारी, प्रशासन अब तक मौन
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मनमानी कटौती बंद नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि किसान लंबे समय से इस समस्या की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
किसानों का कहना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बावजूद इस तरह की कटौती से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।
