नई रेल लाइन के खिलाफ किसानों का विरोध, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीण, जमीन देने से इनकार

राजनांदगांव। परमालकसा से खरसियां तक प्रस्तावित लगभग 278 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण को लेकर जिले के नवागांव, बैगा टोला और इंद्रमणि क्षेत्र के किसानों ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन रेल परियोजना के लिए देने को तैयार नहीं हैं।

किसानों का आरोप है कि रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसके पहले न तो किसानों को कोई सूचना दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पटवारी द्वारा जमीन की नापजोख की जा रही है, जिसमें छोटे किसानों की भूमि को अधिक प्रभावित किया जा रहा है, जबकि बड़े किसानों और औद्योगिक क्षेत्र की जमीन को छोड़ा जा रहा है।

ग्राम पंचायत इंडावनी के सरपंच प्रतिनिधि समीर बंजारे ने बताया कि नवागांव और बैगा टोला में रेलवे लाइन के लिए सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि माप से पहले किसी भी किसान को जानकारी नहीं दी गई और रेलवे व राजस्व विभाग के अधिकारी बिना सहमति खेतों में खूंटे गाड़ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

जिला पंचायत सदस्य बनाना देशमुख ने कहा कि इस परियोजना से नवागांव के 38, बैगा टोला के 114 और इंद्रमणि क्षेत्र के 135 किसानों की जमीन प्रभावित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों से बिना किसी बातचीत और जानकारी के जमीन नापी जा रही है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

किसानों ने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह कृषि पर निर्भर है और अधिकांश परिवारों की आजीविका खेती से चलती है। कई किसानों की लगभग पूरी भूमि इस परियोजना की जद में आ रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि परियोजना को तत्काल रोका जाए और भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों से सहमति लेकर विस्तृत चर्चा की जाए।

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