पाकिस्तान-बांग्लादेश को झटका: छत्तीसगढ़ के किसानों ने टमाटर भेजना किया बंद, ऐसे होता था टमाटर का पाकिस्तान ट्रांजिट…
दुर्ग: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते देशभर में जहां जनजागरूकता अभियान तेज़ हो गया है, वहीं छत्तीसगढ़ के धमधा ब्लॉक के किसानों ने देशप्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत किसानों ने अब पाकिस्तान को टमाटर भेजना पूरी तरह से बंद कर दिया है। यह फैसला न केवल एक साहसिक कदम है, बल्कि यह पूरे देश में प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
9514 हेक्टेयर में टमाटर, अब नहीं जाएगा पड़ोसी देश;
धमधा ब्लॉक, जो प्रदेश में टमाटर उत्पादन का सबसे बड़ा क्षेत्र है, यहां करीब 9514 हेक्टेयर में टमाटर की खेती होती है। हर साल लगभग 1.90 लाख मीट्रिक टन टमाटर का उत्पादन होता है, जिसमें से करीब 1.10 लाख मीट्रिक टन टमाटर पाकिस्तान भेजा जाता था। लेकिन अब किसानों ने ठान लिया है— “देश पहले, व्यापार बाद में।”
किसानों के संकल्प की कहानियां:
संदीप सोलंकी – डोमा पथरिया
16 एकड़ में टमाटर उगाने वाले संदीप सोलंकी ने बताया कि उनका टमाटर सीधा पाकिस्तान जाता था। लेकिन अब उन्होंने खुद का फैसला लेते हुए पाकिस्तान को टमाटर भेजना बंद कर दिया है। वे अब देश के अन्य राज्यों में टमाटर की आपूर्ति कर रहे हैं।
पोखराज – कन्हारपुरी
30 एकड़ में उत्पादन करने वाले पोखराज भी पहले पाकिस्तान में टमाटर भेजते थे। उन्होंने भी इस वर्ष अपने फैसले में बदलाव किया और अब नासिक, नागपुर और दिल्ली जैसे शहरों में सप्लाई दे रहे हैं।
लीमन साहू – पथरिया
13 एकड़ के टमाटर उत्पादक लीमन साहू ने भी पाकिस्तान को टमाटर भेजने से इनकार कर दिया है। वे कहते हैं, “देश सर्वोपरि है, अब चाहे नुकसान हो या फायदा, पाकिस्तान को एक कैरेट टमाटर भी नहीं देंगे।”
धमधा के किसान बने राष्ट्रप्रेम की मिसाल:
धमधा ब्लॉक की विशेष किस्म की टिकाऊ टमाटर, जो मौसम की मार झेल सकती है, की मांग पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में रही है। लेकिन किसानों के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यापारिक लाभ से ज्यादा उन्हें देश की गरिमा प्यारी है।
ऐसे होता था टमाटर का पाकिस्तान ट्रांजिट:
किसानों के अनुसार, पाकिस्तान में टमाटर की आपूर्ति के लिए रायपुर में ठहरने वाले राष्ट्रीय एजेंट, स्थानीय एजेंटों से सौदा तय करते थे। इसके बाद टमाटर कलकत्ता, गोरखपुर और नेपाल के रास्ते पाकिस्तान पहुंचता था। अब यह पूरी चैन टूट गई है।
अब देश के लिए, देश में ही टमाटर:
धमधा के सैकड़ों किसानों ने अब टमाटर को नागपुर, नासिक, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में भेजना शुरू कर दिया है। वे बताते हैं कि वहां के व्यापारी 200 रुपए प्रति कैरेट की दर से टमाटर खरीद रहे हैं।
