Drishyam 3 Review: नए सबूत, नया पुलिस अफसर और पुराना विजय… इस बार क्या बच पाएगा सलगांवकर परिवार?
Drishyam 3 Review: अजय देवगन, जयदीप अहलावत, श्रिया सरन, तब्बू और प्रकाश राज स्टारर फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी यह फिल्म ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की कहानी को आगे बढ़ाती है और विजय सलगांवकर के किरदार को एक बार फिर मुश्किल हालात में खड़ा करती है। फिल्म में इस बार पुराने सवालों के साथ एक नया राज भी सामने आता है, जिसका जवाब कहानी के आखिर तक बांधे रखता है।
क्या है ‘Drishyam 3’ की कहानी?
‘Drishyam 3’ की कहानी साल 2022 में आई ‘दृश्यम 2’ के आगे से शुरू होती है। फिल्म की शुरुआत पूर्व आईजी मीरा देशमुख के बेटे समीर को खोने के गम और उनकी आत्महत्या की कोशिश से होती है। पत्नी की हालत देखकर महेश देशमुख केस को दोबारा खोलने की मांग करते हैं। इसके बाद कहानी में क्राइम ब्रांच के एसपी राजवीर सिंह तोमर की एंट्री होती है, जिसका किरदार जयदीप अहलावत ने निभाया है।
राजवीर की नजर एक बार फिर विजय सलगांवकर और उसके परिवार पर टिक जाती है। इस बार पुलिस के पास नए सबूत और गवाह हैं। इतना ही नहीं, विजय के खिलाफ केस लड़ने के लिए अनुभवी वकील इंद्रजीत शेट्टी भी मैदान में उतरता है, जिसका किरदार प्रकाश राज ने निभाया है। ऐसे में विजय के सामने पहले से कहीं ज्यादा बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है।
‘दृश्यम’ की पिछली फिल्मों में जहां सवाल था कि ‘2 अक्टूबर को क्या हुआ था?’, वहीं इस बार कहानी एक नई तारीख के इर्द-गिर्द घूमती है- ’23 जुलाई को आखिर क्या हुआ था?’ यही सवाल फिल्म के सस्पेंस को आगे बढ़ाता है।
कैसी है फिल्म?
‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानी और विजय सलगांवकर का किरदार रहा है। तीसरी फिल्म में भी दर्शकों को उसी किरदार के साथ जोड़े रखने की कोशिश की गई है। हालांकि कहानी को आगे बढ़ाने में फिल्म शुरुआती हिस्से में थोड़ा समय लेती है और कुछ जगहों पर पटकथा एक ही ढर्रे पर चलती हुई महसूस होती है।
फिल्म का असली रोमांच इंटरवल के बाद बढ़ता है, जब कहानी कोर्टरूम ड्रामा में प्रवेश करती है। पुलिस के नए सबूत, गवाह और विजय की मुश्किलें फिल्म में तनाव पैदा करते हैं। हालांकि कुछ जगहों पर घटनाक्रम काफी सुविधाजनक भी लगता है और कहानी का कुछ हिस्सा आसानी से विजय के पक्ष में जाता हुआ नजर आता है।
Drishyam 3 में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार कहानी के गंभीर माहौल के बीच हल्कापन लाता है। वहीं बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमेटोग्राफी सस्पेंस को बनाए रखने में मदद करते हैं।
एक्टिंग में कौन रहा असरदार?
अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में अपनी मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस दिखाते हैं। ज्यादा संवादों के बजाय उनका इंटेंस अंदाज और आंखों से अभिनय किरदार की बेचैनी और चालाकी को सामने लाता है।
जयदीप अहलावत एसपी राजवीर सिंह तोमर के किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं, जबकि प्रकाश राज भी वकील इंद्रजीत शेट्टी के रूप में अपनी छाप छोड़ते हैं। श्रिया सरन के हिस्से भी एक अहम सीन आता है, जिसे उन्होंने अच्छी तरह निभाया है। तब्बू और रजत कपूर का काम ठीक-ठाक है, जबकि इशिता दत्ता के किरदार को इस बार ज्यादा स्पेस नहीं मिला है।
तकनीकी पक्ष की बात करें तो सुधीर चौधरी की सिनेमेटोग्राफी, अमर मोहिले का बैकग्राउंड स्कोर और संदीप फ्रांसिस की एडिटिंग फिल्म को सपोर्ट करती है।
क्यों देखें ‘Drishyam 3’?
अगर आप ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी के फैन हैं और विजय सलगांवकर के किरदार से जुड़ाव महसूस करते हैं, तो फिल्म में अजय देवगन की परफॉर्मेंस और कहानी में आए नए ट्विस्ट आपको आकर्षित कर सकते हैं। खासकर इंटरवल के बाद शुरू होने वाला कोर्टरूम ड्रामा फिल्म की कहानी को गति देता है।
- फिल्म: Drishyam 3: द कन्क्लूजन
- कलाकार: अजय देवगन, जयदीप अहलावत, श्रिया सरन, तब्बू, प्रकाश राज, रजत कपूर, सौरभ शुक्ला, इशिता दत्ता
- निर्देशक: अभिषेक पाठक
- शैली: क्राइम, सस्पेंस, थ्रिलर
- अवधि: 2 घंटे 30 मिनट
