नक्सलियों के पोस्टमार्टम करने से डॉक्टरों ने किया इनकार, जानिए क्यों कर रहे बस्तर में स्वास्थ्यकर्मी आंदोलन
बीजापुर। बस्तर संभाग में स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन गुरुवार को तब और गंभीर हो गया जब बीजापुर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने नक्सली मुठभेड़ में मारे गए लोगों के शवों का पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। यह कदम 11 महीने से लंबित ‘सीआरएमसी’ (नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि) के भुगतान को लेकर चल रहे विरोध का हिस्सा था।
डॉक्टरों ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह राशि जारी कर दी है, लेकिन राज्य सरकार आदेश जारी नहीं कर रही है, जिससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था निराश है। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आश्वासन दिया कि 11 दिसंबर 2025 तक सीआरएमसी राशि का भुगतान अवश्य किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए पोस्टमार्टम फिर से शुरू कर दिया।
यह आंदोलन, जो नारायणपुर में शुरू हुआ था, अब दंतेवाड़ा, कोंडागांव, सुकमा, बीजापुर और जगदलपुर सहित पूरे बस्तर संभाग में फैल चुका है। विरोध के तौर पर स्वास्थ्यकर्मियों ने आज से शाम की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट किया कि यदि 11 दिसंबर तक भुगतान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तीव्र रूप ले लेगा। प्रशासन की ओर से त्वरित आश्वासन के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें 11 दिसंबर पर टिकी हुई हैं।
