‘ये संगठन की शक्ति, जय सिया राम’.. दिग्विजय सिंह ने की PM मोदी और RSS की तारीफ
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार (27 दिसंबर 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर राजनीतिक हलचल मचा दी है। कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की बैठक शुरू होने से ठीक पहले किया गया यह पोस्ट BJP-RSS की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करता नजर आया, जिसने पार्टी के अंदर और बाहर बहस छेड़ दी। दिग्विजय ने तस्वीर के साथ कांग्रेस नेतृत्व को अप्रत्यक्ष नसीहत देते हुए संगठन में विकेंद्रीकरण और जमीनी कैडर को मजबूत करने की बात कही।
मोदी की पुरानी तस्वीर पर दिग्विजय का कमेंट
दिग्विजय सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट @digvijaya_28 पर Quora से ली गई 1996 की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें एक युवा नरेंद्र मोदी (तत्कालीन RSS स्वयंसेवक और BJP कार्यकर्ता) गुजरात के एक कार्यक्रम में लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन और आनंदीबेन पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं के पैरों के पास फर्श पर बैठे नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकर्सिंह वैघेला के शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी बताई जा रही है।
पोस्ट में दिग्विजय ने लिखा, “Quora साइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली। कैसे RSS का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ-बीजेपी का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम।” उन्होंने पोस्ट में PM मोदी (@narendramodi), राहुल गांधी (@RahulGandhi), प्रियंका गांधी (@priyankagandhi), मल्लिकार्जुन खरगे (@kharge) और कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल को टैग किया।
कांग्रेस में सुधार की अपील
पोस्ट में दिग्विजय ने BJP-RSS की ताकत को कांग्रेस के लिए उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी भी दल की असली शक्ति उसके जमीनी कैडर और मजबूत संगठन से आती है। उन्होंने लिखा, “जैसे इलेक्शन कमीशन में सुधार की जरूरत है, वैसे ही कांग्रेस में भी संरचनात्मक बदलाव जरूरी हो गया है। राहुल गांधी ने संगठन सृजन का आरंभ किया है, लेकिन ज्यादा व्यावहारिक एवं विकेंद्रीकृत तरीके से चलाने की आवश्यकता है। मुझे भरोसा है कि राहुल यह कर सकते हैं।” CWC बैठक में भी उन्होंने संगठन में केंद्रीकरण की आलोचना की और जमीनी स्तर पर कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई।
दिग्विजय का यू-टर्न
पोस्ट वायरल होते ही विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस के कई नेता इसे असहज मान रहे हैं, जबकि BJP ने इसे ‘ट्रुथ बम’ करार दिया। दिग्विजय ने बाद में सफाई दी, “मैं संगठन का समर्थक हूं, लेकिन RSS और मोदी जी का विरोधी हूं। मेरा इरादा केवल संगठन की ताकत को दर्शाना था, न कि RSS-BJP की वैचारिकी की प्रशंसा।” कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भी कहा कि दिग्विजय ने केवल संगठन की बात की, BJP-RSS की तारीफ नहीं। फिर भी, पोस्ट को कांग्रेस के आंतरिक असंतोष का संकेत माना जा रहा है।
BJP का पलटवार
BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा, “BJP की कार्यप्रणाली यही है कि धरातल का कोई भी नेता अपनी प्रतिभा से शीर्ष पर पहुंच सकता है। दिग्विजय जी को अब समझ आ गया होगा कि नरेंद्र मोदी गुदड़ी के लाल हैं और राहुल जवाहर के लाल।” प्रवक्ता सीआर केसवान ने राहुल गांधी से पूछा, “क्या राहुल इस ‘ट्रुथ बम’ पर प्रतिक्रिया देंगे, जो कांग्रेस के तानाशाही ढंग को उजागर करता है?” BJP ने इसे कांग्रेस की ‘आंतरिक कलह’ का प्रमाण बताया।

यह पोस्ट 27 दिसंबर को सुबह वायरल हुआ और NDTV, News18, Times of India, Indian Express जैसी मीडिया में प्रमुखता से छपा। एक्स पर #DigvijayaSingh, #RSS, #BJP ट्रेंड करने लगा। राजनीतिक विश्लेषक इसे CWC बैठक से पहले दिग्विजय की रणनीति मान रहे हैं, जो पार्टी को जमीनी मजबूती की याद दिला रही है।
