210 नक्सलियों ने किया सरेंडर, दीपक बैज ने पूछा- सभी नक्सली असली है ?

रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सली सरेंडर, शराब नीति, बिहार चुनाव और गुजरात मंत्रिमंडल विस्तार जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि देश के सबसे बड़े नक्सली सरेंडर कार्यक्रम में भी सरकार पारदर्शिता नहीं बरत रही, जबकि कांग्रेस शासनकाल में बस्तर के दूरस्थ इलाकों तक विकास पहुंचा था। बैज ने नक्सलियों के प्रोफाइल की मांग की, जो सरकार पूरी नहीं कर पाई।

नक्सली सरेंडर पर सवाल: ‘कांग्रेस की नीतियों का असर, भाजपा का क्या योगदान?’
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ में 170 से अधिक नक्सलियों के सरेंडर को कांग्रेस सरकार की नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यकाल में बस्तर के दूरस्थ अंचलों में विकास कार्य पहुंचाने का काम हुआ, जिससे 2023 तक बस्तर में नक्सलवाद 40 किमी के दायरे में सिमट गया था।” बैज ने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार ने बस्तर में ऐसा क्या विकास किया, जिसके कारण नक्सली सरेंडर कर रहे हैं?

बैज ने आरोप लगाया कि सरकार आंकड़े बढ़ाने के लिए एक महीने पहले सरेंडर कर चुके नक्सलियों को दोबारा सरेंडर करा रही है। उन्होंने कहा, “सरकार ने दावा किया कि 2,000 से अधिक नक्सलियों का सरेंडर हुआ है, लेकिन क्या ये सभी असली नक्सली हैं? इनका प्रोफाइल क्या है?” कांग्रेस ने नक्सलियों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की, लेकिन सरकार जवाब नहीं दे पाई। बैज ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों में वास्तविक माओवादियों की संख्या स्पष्ट होनी चाहिए।

यह बयान बस्तर में हाल के बड़े सरेंडर के बाद आया है, जहां 170 नक्सलियों ने हथियार डाले, जिनमें कई पर 5 लाख से 1 करोड़ तक का इनाम था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ‘नक्सल-मुक्त भारत’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, लेकिन बैज ने इसे कांग्रेस की विरासत का श्रेय दिया।

आबकारी सचिव की बैठक पर हमला: ‘शराब बिक्री बढ़ाने की ब्रांडिंग, काली कमाई में डूबी भाजपा’
बैज ने आबकारी सचिव आर. संगीता की तीन दिवसीय बैठक पर निशाना साधा, जिसमें बार, क्लब संचालकों और एसोसिएशन प्रतिनिधियों से शराब बिक्री बढ़ाने के सुझाव लिए गए। उन्होंने कहा, “सरकार शराब बिकवाने की ब्रांडिंग कर रही है। भाजपा विपक्ष में रहते झूठा प्रचार करती थी, लेकिन अब 1,400 शराब काउंटर खोल चुकी है। यह काली कमाई भरने का धंधा है।” बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी जेबें भरने में लगी है, जबकि महिलाओं और युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।

यह बयान छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के बाद आया है, जहां हाल ही में 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया। कांग्रेस ने इसे भाजपा की नीतियों का प्रमाण बताया।

बिहार स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सीएम साय का नाम न होने पर तंज
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की 40 स्टार प्रचारकों की सूची में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नाम न होने पर बैज ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “सीएम साय ने बिहार में अपनी अटैची छोड़ दी, लेकिन लिस्ट में उनका नाम नहीं। जबकि असम और महाराष्ट्र के सीएम शामिल हैं। हम भाजपा हाईकमान से निवेदन करेंगे कि उनका नाम जोड़ दें।” बैज ने इसे सीएम की उपेक्षा का संकेत बताया।

भाजपा की लिस्ट में पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा के अलावा योगी आदित्यनाथ, हिमंता बिस्वा सरमा जैसे नाम हैं, लेकिन साय का अभाव चर्चा का विषय बना हुआ है।

गुजरात मंत्रिमंडल विस्तार पर बैज का व्यंग्य: ‘लूट-खसोट कम करने वाले नए मंत्री?’
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के सभी 16 मंत्रियों के इस्तीफे पर बैज ने कहा, “रात को इस्तीफा, सुबह शपथ। गुजरात में लूट-खसोट चरम पर थी, विधायकों की नाराजगी बढ़ी थी। अब भाजपा कम लूटने वालों को मंत्री बनाएगी।” उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी मंत्रिमंडल बदलने की मांग की।

गुजरात में विस्तार शुक्रवार को होगा, जिसमें 10 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। बैज ने इसे भाजपा की आंतरिक कलह का प्रमाण बताया।

राजनीतिक निहितार्थ
दीपक बैज के बयान भाजपा पर लगातार हमलों की कड़ी हैं, जो आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए हैं। कांग्रेस ने नक्सल मुद्दे पर पारदर्शिता और शराब नीति पर सख्ती की मांग की है। भाजपा ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। बैज ने कार्यकर्ताओं से कहा कि ये मुद्दे जनता तक पहुंचाने होंगे, ताकि भाजपा की ‘झूठी छवि’ उजागर हो।

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