चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का लैंडफॉल: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तबाही, 1 मौत, हजारों विस्थापित

चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ ने मंगलवार रात काकीनाडा के पास लैंडफॉल किया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 90-100 किमी/घंटा रही, जो झोंकों में 110 किमी/घंटा तक पहुंच गई। लैंडफॉल प्रक्रिया 3-4 घंटे चली। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तूफान बुधवार सुबह ओडिशा के गंजम में गोपालपुर बीच पर पहुंच गया, जहां 80-100 किमी/घंटा की हवाएं चल रही हैं और ऊंची लहरें उठ रही हैं। अब तक 3 लोगों की मौत की खबर है। कोनासीमा में पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई, जबकि दूसरी घटना में 2 लोग घायल हो गए।

आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और फसल नुकसान
तूफान के असर से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। 43,000 हेक्टेयर से अधिक फसल पानी में डूब गई, जिससे 83,000 से ज्यादा किसान प्रभावित हुए। 292 मंडलों और 1,712 गांवों में नुकसान रिपोर्ट हुआ। धान (31,267 हेक्टेयर) और कपास (15,680 हेक्टेयर) की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित, जो कुल क्षतिग्रस्त क्षेत्र का 80% हैं। मछलीपट्टनम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई; तेज हवाओं से तार टूटे और पोल गिरे, शहर अंधेरे में डूबा। बिजली बहाली का काम शुरू।

ओडिशा में बचाव और निकासी
ओडिशा के 8 दक्षिणी जिलों गंजम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर—में तूफान का असर। राज्य सरकार ने 11 हजार लोगों को निकाला, 30 हजार की तैयारी। ODRF की 30 और NDRF की 5 टीमें तैनात। करीब 76,000 लोगों को 219 राहत शिविरों में पहुंचाया गया।

हाई अलर्ट, बचाव कार्य और सरकारी कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की। सीएम ने जान-माल सुरक्षा के निर्देश दिए।
यातायात रोक: 7 तटीय जिलों में 28 अक्टूबर रात 8:30 बजे से 29 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध।
राहत केंद्र: आंध्र में 800 से अधिक केंद्र, काकीनाडा में NDRF-SDRF टीमें, 1,000 बिजली मिस्त्री और 140 तैराक नावें तैयार।
तट खाली: कोठापट्टनम, पुरी तट और ओडिशा के संवेदनशील इलाके खाली। काकीनाडा-उप्पदा रोड के 8 किमी हिस्से क्षतिग्रस्त, बंद। पोडाम्पेटा में संपत्तियां डूबी।
अन्य क्षति: तेज हवाएं और उफान से व्यापक नुकसान।

अन्य राज्यों पर असर
आईएमडी ने केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में 3 दिन बारिश की चेतावनी दी। तमिलनाडु (थूथुकुडी सहित) में गरज-बिजली के साथ बारिश। पश्चिम बंगाल में 31 अक्टूबर तक भारी बारिश। राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बारिश। 32 उड़ानें रद्द।

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