CWC Meeting: SIR पर गरजे खरगे, मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर लगाए आरोप

CWC Meeting

नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में मंगलवार को चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी बैठक में बुलाया गया था।

बैठक के दौरान खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूचियों से नाम हटाए जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। ये खरगे और कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं, जबकि चुनाव आयोग SIR से जुड़े फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिया गया फैसला बता चुका है।

CWC में SIR और वोटर लिस्ट पर हुई चर्चा

कांग्रेस की बैठक ऐसे समय हुई है, जब SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है।

खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि मतदाता सूची में किसी योग्य नागरिक का नाम प्रशासनिक स्तर पर मनमाने तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर की ओर से सार्वभौमिक मताधिकार को दिए गए महत्व का भी उल्लेख किया।

खरगे ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप

CWC बैठक में खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हुई है।

खरगे ने चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेदों से जुड़ी रिपोर्टों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि यदि आयोग के भीतर ही किसी फैसले को लेकर असहमति सामने आती है, तो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा।

कांग्रेस का दावा- मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और SIR के जरिए मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं।

हालांकि, ये कांग्रेस के आरोप हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा है कि SIR के आदेश CEC और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे।

Form 6 को लेकर भी विवाद

SIR के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 को लेकर भी विवाद सामने आया है। कांग्रेस और कुछ रिपोर्टों में आयोग के भीतर इस प्रक्रिया को लेकर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मूल Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग के मुताबिक, SIR के तहत Form 6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा यानी Annexure D जोड़ा गया है। आयोग का कहना है कि यह व्यवस्था पहले से जारी SIR निर्देशों का हिस्सा है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग के अनुसार SIR से संबंधित आदेशों को CEC और दोनों चुनाव आयुक्तों ने मंजूरी दी थी। आयोग ने Form 6 में बदलाव के आरोप को भी खारिज करते हुए कहा कि मूल फॉर्म पहले की तरह ही है और अतिरिक्त घोषणा अलग से ली जा रही है।

इस तरह SIR को लेकर कांग्रेस के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष फिलहाल आमने-सामने हैं। विवाद का एक प्रमुख हिस्सा मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया, नए मतदाताओं के लिए अतिरिक्त घोषणा और चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया से जुड़ा है।

आगे की रणनीति पर भी चर्चा

CWC की बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के अलावा पार्टी की आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस पहले ही SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा रही है।

बैठक के बाद इस मुद्दे पर कांग्रेस की आगे की कार्रवाई और चुनाव आयोग से जुड़ी उसकी मांगों को लेकर पार्टी की रणनीति पर नजर रहेगी।

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