कोरबा में धर्मांतरण विवाद! बजरंग दल ने रोकी प्रार्थना सभा, इलाके में तनाव का माहौल
कोरबा। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला कोरबा जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा के कलमीभाठा गांव का है, जहां एक घर के भीतर गुपचुप तरीके से प्रेयर सभा आयोजित की जा रही थी। इसकी खबर लगते ही ग्रामीणों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आयोजन का विरोध किया और इसे धर्मांतरण का प्रयास बताया।
बजरंग दल का आरोप, पुलिस की जांच
बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहां धर्मांतरण का खेल चल रहा था और बिना अनुमति प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि अब तक किसी ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पहले भी दिया गया था नोटिस
जानकारी के अनुसार, जिस मकान में यह आयोजन हो रहा था, वहां के मकान मालिक को पुलिस पहले भी कई बार समझाइश दे चुकी है। पुलिस ने नोटिस जारी कर कहा था कि किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले कलेक्टर से अनुमति लेना जरूरी है। इसके बावजूद बिना अनुमति यह सभा आयोजित की गई।
एसपी का बयान
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि उरगा थाना प्रभारी द्वारा मकान मालिक को पहले भी नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद बिना सूचना के कार्यक्रम किया गया, जिसके चलते इस बार धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
