प्रलोभन देकर धर्मांतरण: 25 गिरफ्तार, जिसमें 14 महिलाएं और पास्टर शामिल

छत्तीसगढ़ के बालोद, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर बड़ी अशांति और विवाद देखने को मिला। स्थानीय हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तीनों जगहों से कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 14 महिलाएं और एक पास्टर भी शामिल हैं।

अवैध प्रार्थना सभा पर पुलिस का कड़ा रुख

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने एक निजी मकान में चल रही कथित अवैध प्रार्थना सभा को भंग कर दिया। मौके पर पुलिस ने 22 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 8 पुरुष और 14 महिलाएं थीं। पूछताछ के बाद पता चला कि यह प्रार्थना सभा वैध नहीं थी, इसलिए सभी पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई।

पादरियों की भी पुलिस ने की पूछताछ

जानकारी के मुताबिक, 5-6 पादरियों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को गुण्डरदेही एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां 8 लोगों को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गोधना गांव में धर्मांतरण को लेकर तनाव

जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के गोधना गांव में रविवार को धर्मांतरण को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों के सदस्यों ने एक घर में चल रही प्रार्थना सभा का विरोध किया और आरोप लगाया कि वहां धर्मांतरण किया जा रहा है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया, जिससे नाराज ग्रामीण थाने के बाहर जमा हो गए और उनकी रिहाई की मांग करने लगे। पुलिस ने माहौल को नियंत्रण में रखा।

बिलासपुर में पास्टर की गिरफ्तारी

बिलासपुर के सकुलकारी निवासी पास्टर दिलीप बंजारे पर आरोप है कि उन्होंने प्रार्थना सभा के दौरान लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रलोभन दिया। हिंदू संगठनों की सूचना पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

धर्मांतरण को लेकर दहेज प्रताड़ना का मामला भी सामने आया

सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पूजा सोनी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति और सास ने धर्म परिवर्तन कर लिया है और वे भी पूजा को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाकर प्रताड़ित कर रहे हैं।

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