मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस करेगी चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन: कल करेगी जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मनरेगा के प्रस्तावित बदलावों के विरोध में कांग्रेस जनवरी और फरवरी माह में प्रदेशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू करने जा रही है। इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने विस्तृत रणनीति तैयार की है। गुरुवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रदेश कांग्रेस की मैराथन बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर कई अहम फैसले लिए गए।
राजीव भवन में मैराथन बैठक, कई मुद्दों पर चर्चा
बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों, उनकी आयोजन रणनीति और चरणबद्ध आंदोलन पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही एसआईआर प्रक्रिया में वंचित पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, तथा प्रदेश में जारी धान खरीदी के दौरान किसानों को हो रही समस्याओं के समाधान को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बनी सहमति
जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मनरेगा बचाओ संग्राम को प्रदेशभर में पूरी गंभीरता और संगठित तरीके से चलाया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन ग्रामीण रोजगार, आजीविका और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए होगा।
जानिए कांग्रेस का पूरा आंदोलन कार्यक्रम
10 जनवरी 2026 – जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रदेश के सभी जिला कांग्रेस कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसमें प्रस्तावित कानून से ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को मीडिया के सामने रखा जाएगा।
11 जनवरी 2026 – एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध
जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि और मनरेगा श्रमिक एक दिवसीय उपवास करेंगे।
12 से 29 जनवरी 2026 – पंचायत स्तर पर जनसंपर्क
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के पत्र ग्राम प्रतिनिधियों और मनरेगा श्रमिकों तक पहुंचाए जाएंगे। विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण भी किया जाएगा।
30 जनवरी 2026 – वार्ड और ब्लॉक स्तर पर धरना
अहिंसा, संवैधानिक मूल्यों और काम के अधिकार पर जोर देते हुए शांतिपूर्ण धरने आयोजित किए जाएंगे।
31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 – जिला स्तरीय धरना
जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सामने धरना प्रदर्शन कर VB-GRAM-G विधेयक को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
7 से 15 फरवरी 2026 – राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव
पीसीसी के नेतृत्व में विधानसभा घेराव कर केंद्र सरकार की नीतियों और राज्यों पर डाले जा रहे आर्थिक बोझ को उजागर किया जाएगा।
16 से 25 फरवरी 2026 – क्षेत्रीय AICC रैलियां
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में एआईसीसी के नेतृत्व में बड़ी जनसभाएं और रैलियां आयोजित की जाएंगी।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से मनरेगा कमजोर हो रहा है और ग्रामीण गरीबों के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है। पार्टी ने साफ किया कि जब तक मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
