चील-कौवों के हवाले गौवंश! गौठान में 16 गायों की मौत, कांग्रेस ने BJP सरकार पर साधा निशाना

आरंग के नगर पंचायत समोदा स्थित गौठान में हाल ही में 16 से अधिक गौवंशों की मौत के मामले ने राजनीति गरमा दी है। शनिवार को कांग्रेस की टीम यहां पहुंची और पूरे मामले की जांच की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मृत गायों को सम्मानजनक तरीके से दफनाने की बजाय उनके अवशेष खुले में पड़े हैं, जिन्हें कुत्ते, चील और कौए नोच रहे हैं।

विकास उपाध्याय का आरोप
जांच दल के संयोजक और कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने कहा कि निरीक्षण के दौरान 17–18 मृत गायों के शव खुले में मिले। उन्होंने कहा, “गायों की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार होना चाहिए था, लेकिन सरकार ने उन्हें चील-कौवों के हवाले छोड़ दिया।” उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बने दो साल हो चुके हैं, लेकिन गौवंश की सुरक्षा पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सिर्फ गोवंश के नाम पर वोट मांगती है, जबकि प्रदेश में गौ-तस्करी और हत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

रिपोर्ट सौंपेगी कांग्रेस
कांग्रेस की जांच समिति में छाया वर्मा, कन्हैया अग्रवाल, प्रमोद दुबे, उधोराम वर्मा और कोमल साहू शामिल हैं। यह टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज को सौंपेगी। उपाध्याय ने चेतावनी दी कि पार्टी आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी।

छाया वर्मा का बयान
पूर्व राज्यसभा सांसद छाया वर्मा ने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। न केवल गौवंश बल्कि प्रदेश के किसानों की हालत भी चिंताजनक है। इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है।”

प्रमोद दुबे का हमला
रायपुर के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने भी राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “गौमाताओं की असमय मौत भाजपा सरकार की नाकामी है। सरकार योजना बनाने की बातें तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ दिखाई नहीं देता।” उन्होंने सुझाव दिया कि समोदा की रेत खदान से मिलने वाली डीएमएफ या रॉयल्टी की राशि का उपयोग कम से कम गायों की सुरक्षा में किया जा सकता था।

 

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