कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने दिव्यांगजनों के साथ पुलिस कार्रवाई को ‘बर्बरता’ बताया, मांग की जांच
रायपुर। कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने राजधानी में दिव्यांगजनों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को “बर्बरता” करार देते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने दिव्यांग प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया, जिसमें एक मुंगेली के दिव्यांग का हाथ टूट गया और कई अन्य के कपड़े फट गए। सिन्हा ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों के मोबाइल फोन भी छीनकर तोड़ दिए गए।
विधायक ने सदन में भी यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया, “पुलिस किसके आदेश पर इस तरह की हिंसक कार्रवाई कर रही थी? सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, पुलिस को किसी भी नागरिक पर हाथ उठाने का अधिकार नहीं है। यह संविधान और न्यायालय के आदेशों का सीधा उल्लंघन है।”
उन्होंने सरकार से दो मांगें रखीं: पहली, दिव्यांगजनों के साथ हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, और दूसरी, प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनकर उन्हें पूरा किया जाए। सिन्हा ने जोर देकर कहा कि सरकार को दिव्यांग समुदाय के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, न कि दमन का रास्ता अपनाना चाहिए।
