कांग्रेस में बवाल : विकास तिवारी ने सुशील आनंद शुक्ला पर लगाए गंभीर आरोप, मानहानि की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अधिकृत व्हाट्सऐप ग्रुप के कथित दुरुपयोग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं कांग्रेस नेता विकास तिवारी ने प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला को कड़ा पत्र लिखते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। तिवारी का आरोप है कि उनके खिलाफ आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी मीडिया में प्रसारित कर जानबूझकर उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया गया।

विकास तिवारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 12 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अधिकृत व्हाट्सऐप ग्रुप “PCC MEDIA OFFICIAL 2026” में उनके राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि पद से हटाए जाने से संबंधित पुराने पत्र साझा किए गए। यह ग्रुप प्रदेश और देश के 400 से अधिक पत्रकारों व पार्टी पदाधिकारियों से जुड़ा हुआ है और इसका संचालन प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग द्वारा किया जाता है।

तिवारी के अनुसार, ग्रुप में साझा किए गए पत्र उनके निष्कासन से लगभग तीन वर्ष छह माह पूर्व के थे, लेकिन उन्हें मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर इस तरह प्रस्तुत किया गया कि मीडिया में यह संदेश गया कि उन्हें हाल ही में राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि पद से हटाया गया है। इसी आधार पर 13 जनवरी 2026 को दैनिक भास्कर सहित कई प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबरें प्रकाशित हुईं।

अपने पत्र में विकास तिवारी ने यह भी सवाल उठाया है कि इन दस्तावेजों को साझा करने से पहले न तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और न ही प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गेंदू से कोई औपचारिक अनुमति ली गई। उन्होंने मांग की है कि यदि ऐसी कोई अनुमति ली गई हो, तो उसके प्रमाण उन्हें उपलब्ध कराए जाएं।

विकास तिवारी ने पूरे मामले को व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए कहा कि इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को ठेस पहुंची है, बल्कि कांग्रेस पार्टी की साख को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी विचारधारा आज भी कांग्रेस के साथ है और वे राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए हुए हैं।

पत्र में सुशील आनंद शुक्ला से तीन दिवस के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय-सीमा में जवाब नहीं मिलने पर मानहानि का प्रकरण माननीय न्यायालय में दायर किया जाएगा। तिवारी ने दावा किया है कि व्हाट्सऐप ग्रुप के संदेशों और प्रकाशित खबरों से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित रखे गए हैं।

सुशील आनंद शुक्ला का स्पष्टीकरण

विकास तिवारी के आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि विकास तिवारी के कांग्रेस से निष्कासन के बाद मीडिया द्वारा लगातार यह सवाल पूछा जा रहा था कि वे अभी भी कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रंजीता रंजन के प्रतिनिधि हैं या नहीं। इस पर पीसीसी की ओर से सांसद से जानकारी मांगी गई, जिस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास तिवारी को पहले ही प्रतिनिधि पद से हटाया जा चुका है। इस संबंध में पूर्व में जारी पत्र को सांसद की ओर से पीसीसी को भेजा गया था, जिसे मीडिया को सूचनार्थ अधिकृत ग्रुप में साझा किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश कांग्रेस के भीतर संचार व्यवस्था, सूचना प्रबंधन और मीडिया संचालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।

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