जमीन की नई गाइडलाइन दरों पर कांग्रेस का आक्रोश: प्रदेश भर में पुतला दहन कर किया प्रदर्शन— गाइडलाइन वापस लेने की मांग तेज

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में पुतला दहन कर किया प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में पुतला दहन कर किया प्रदर्शन

रायपुर : प्रदेश सरकार द्वारा जमीन की खरीदी-बिक्री के लिए नई गाइडलाइन जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा विरोध दर्ज किया है। शनिवार को सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने नई गाइडलाइन को आम जनता के खिलाफ बताया और सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के बाद सभी जिलों में कांग्रेस नेताओं की पत्रकार वार्ता भी आयोजित की जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गाइडलाइन पूरी तरह से आम जनता के खिलाफ है और इससे जमीन की खरीदी-बिक्री प्रभावित होगी। गैदू ने साफ कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी और जब तक गाइडलाइन वापस नहीं ली जाती, तब तक राज्यभर में आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

पुतला दहन कर अपना जताया आक्रोश ;

कांग्रेस का आरोप है कि नई गाइडलाइन लागू होने से जमीन की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गाइडलाइन बेहद अव्यवहारिक है और इससे जमीन संबंधी लेन-देन पूरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो विरोध और तीव्र किया जाएगा।

दीपक बैज ने दिया इस मुद्दे पर बड़ा बयान:

इसी बीच, PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री में पाँच गुना वृद्धि कर आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। बैज का कहना है कि सरकार ने बीते दो सालों की “काली कमाई को सफेद” करने के लिए यह नई गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने कहा कि जमीन की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि कर जनता को ठगा जा रहा है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी।

दीपक बैज ने बताया कि गाइडलाइन जारी होते ही पूरे प्रदेश में लोगों में नाराजगी है और इसका सीधा असर जमीन की खरीद-बिक्री पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और जब तक सरकार यह निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा।

Youthwings